अंबाला सिटी के श्री अनंत प्रेममंदिर में चल रही कार्तिक मास की कथा में प्रवचन करती गीता देवी ।
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श्री अनंत प्रेम मंदिर में चल रही पावन कार्तिक माह की व्रत कथा में मंदिर की परमाध्यक्ष गीता देवी महाराज ने कहा कि पवित्र कथा को सभी प्रेम पूर्वक श्रवण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास की कथा के व्रत को जो कहता है, सुनता है और देखता है उसे व्रत के चतुर्थ अंश का फल मिलता है। गीता देवी महाराज ने कहा कि जो वस्तु अपने को प्रिय हो वह वस्तु भगवान को अर्पण करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एकादशी को भगवान को जगाया, द्वादशी को जागे, त्रयोदशी को देवताओं द्वारा भगवान जी की स्तुति की गई और चतुर्दशी को देवताओं द्वारा पूजन किया गया। इसलिए कार्तिक माह का व्रत करने वालों को चतुर्दशी को उद्यापन करना चाहिए। उद्यापन करने से परमात्मा प्रसन्न होते हैं और सदा उस पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी शक्ति के अनुसार भगवान राधा दामोदर के नाम से शैया दान करके ब्राह्मणों को भोजन आदि करवाकर दक्षिणा देनी चाहिए। इससे जीव के सात जन्मों के पापों का नाश होता है। कार्तिक मास में व्रत, यज्ञ, तप, दान का कोटि गुणा फल मिलता है।
अंबाला सिटी के श्री अनंत प्रेममंदिर में चल रही कार्तिक मास की कथा में मौजूद भक्तजन।- फोटो : Ambala