अंबाला। सरकार की ऐसी कई योजनाएं हाेती हैं जिनकी जानकारी पात्र व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाती। ऐसी ही एक योजना को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक छोटे से प्रयास से पात्रों तक पहुंचा दिया। सिर्फ यह नहीं बल्कि योजना तक पहुंचाने से पहले उन लोगों के खोजने में भी काफी मेहनत की।
दरअसल, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत गरीबों को सरकार आवास के लिए सस्ती दरों पर प्लॉट उपलब्ध करा रही है। यह योजना विशेषत: घुमंतू जाति श्रेणी में आने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इस योजना में आवेदन करने के लिए पहले 19 अक्टूबर तक का समय था। इससे पहले किसी से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को जानकारी मिली, मगर कई लोग अभी भी इस योजना से वंचित हैं। घुमंतू श्रेणी से जुड़े लोगों के पास अक्सर अपना कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं होता है।
ऐसे में सीजेएम व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव साैरभ गुप्ता ने अपने पीएलवी के माध्यम से सबसे पहले सर्वे कराया। इसमें 200 लोग सामने आए, जिनके पास अपना घर नहीं था और योजना की उन्हें जानकारी तक नहीं थी। ऐसे में यहां से एक सार्थक पहल शुरू हुई। सर्वे के बाद दो दिन उन क्षेत्रों में शिविर लगाया और लाेगों के दस्तावेज पूरे कराने के बाद उनका योजना में आवेदन कराया। ऐसे में अब पात्रता पूरी करने वाले लोगों को अपना प्लॉट मिल सकेगा। जिसके बाद वह घर बनवा सकेंगे।
यह है मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना
मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकार ने 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवार को सरकार प्लॉट मुहैया कराता है। यह प्लॉट किफायती दरों पर मिलता है। जिन लोगों के पक्के मकान नहीं हैं, वह इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। यह योजना हरियाणा में समान रूप से लागू होती है। यह योजना विशेष तौर पर घुमंतू जाति की श्रेणी में आने वाले लोगों को ध्यान में रखकर निकाली गई है, मगर अन्य लोग जिनके पास घर नहीं है वह भी योजना में आवेदन कर सकते हैं।
पीएलवी की टीम ने यहां किया सर्वे
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम ने अंबाला सिटी के पंजोखरा, अंबाला छावनी के फुटबॉल चौक, गोल चक्कर, महेश नगर, टांगरी क्षेत्र में रहने वाले लोग, बंधू नगर, बाजीगर कॉलोनी में सर्वे किया। सर्वे में लगभग 200 लोग ऐसे मिले जिनके पास घर नहीं था। इसके बाद शिविर लगाए गए। जिसमें पहले दिन में 100 लोगों के आवेदन आए। इसके बाद शिविर के दूसरे दिन अन्य सभी लोगों का आवेदन कराया गया। इस कार्य में पीएलवी बाजीगर बस्ती में राकेश अग्रवाल, रंगिया मंडी में कमल मग्गू व पूर्व एमसी ललिता प्रसाद, टांगरी क्षेत्र में नेहा परवीन तो पंजोखरा साहिब में दीपांशू अग्रवाल ने शिविर लगाकर इसे सफल बनाया।