अंबाला। भारतीय सेना और वायु सेना ने दिल्ली से द्रास तक एक ऐतिहासिक साइकिल यात्रा अभियान की शुरुआत की है। यह साइकिल यात्रा अभियान रविवार को अंबाला पहुंची। यहां पहुंचने पर दो कोर सिग्नल रेजिमेंट के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर ने दल के सदस्यों का स्वागत किया। साइकिल यात्रा सोमवार को चंडीगढ़ के लिए रवाना होगा। टीम में 20 सैनिक और वायु सेना योद्धा शामिल हैं। दल का नेतृत्व सेना व वायु सेना की दो उज्ज्वल महिला अधिकारी कर रही हैं।
साइकिल चालक 24 दिन में कठिन मार्गों से होते हुए 1600 किमी की दूरी तय करेंगे। यात्रा का समापन 26 जुलाई को द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर होगा। यह स्मारक कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर शहीदों को एक उचित श्रद्धांजलि है। अभियान का व्यापक उद्देश्य युवा भारतीयों की राष्ट्रवाद के प्रति ऊर्जा बढ़ाना है। साइकिल चालक रास्ते में विभिन्न चरणों में स्कूली बच्चों के साथ बातचीत करेंगे। साइकिल चालकों की टीम का नेतृत्व कोर ऑफ सिग्नल्स की मेजर सृष्टि शर्मा कर रही हैं। मेजर सृष्टि दूसरी पीढ़ी की अधिकारी हैं। इन्हें विभिन्न तकनीकी आधारित खुफिया कार्यों में उनके योगदान के लिए 2019 में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं।
वहीं, भारतीय वायु सेना की टीम का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर मेनका कर रही हैं, इन्होंने 10 साल की सेवा के दौरान बीदर, ग्वालियर और देवलाली में रसद अधिकारी के रूप में काम किया है। वर्तमान में वायु सेना स्टेशन कलाईकुंडा में सेवारत हैं। उन्हें ग्वालियर वायु सेना स्टेशन में विभिन्न रसद मुद्दों के असाधारण संचालन और त्वरित समाधान के लिए 2016 में एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ सेंट्रल एयर कमांड कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया था। यह अभियान हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने से पहले पंजाब से होते हुए आगे बढ़ेगा।