अंबाला सिटी। बारिश होने से उमसभरी गर्मी से तो राहत मिल गई मगर तेज बारिश से जहां धान की फसल प्रभावित हुई है, वहीं शहर में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी हुई। जलभराव से लोग विभिन्न क्षेत्रों में जूझते नजर आए तो वहीं विभागीय कार्ययोजनाएं पानी में बह गईं। वहीं बारिश से खेतों और मंडियों में रखी धान की फसल भीग गई।
हाल ही में विभागों ने जंडली पुल के पास इंटरलॉकिंग लगाकर सड़क को ऊंचा किया था कि जलभराव में अब दिक्कत न हो मगर इस सड़क के ऊंचा होने से दूसरी तरफ की सड़क पर इस बार सबसे अधिक जलभराव दिखाई दिया। वहीं आसपास की मॉडल टाउन जैसी पॉश कॉलोनियों में भी पानी घुस गया। ऐसे में यहां पर प्लानिंग की काफी कमी दिखी। इसी प्रकार अंबाला शहर के अंडर ब्रिजों के साथ सेक्टरों में भी जलभराव होने से सबसे अधिक वाहन चालकों व पैदल यात्रा करने वालों को परेशानी हुई। हालांकि पिछले 24 घंटे में 62.8 मिलीमीटर बारिश हुई। प्रदेश में अंबाला में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की गई। वहीं, गुरुवार को अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश होने से यह तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस गिरा। यह सामान्य तापमान से 4.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 28 सितंबर तक परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है। इस दौरान बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आने की संभावना से राज्य में 25 सितंबर से एक बार फिर से मानसूनी हवाएं की सक्रियता में हल्की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। जिससे राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 26 व 27 सितंबर को हवाएं व गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 सितंबर से राज्य में मौसम आमतौर पर खुश्क हो सकता है, हालांकि बीच में आंशिक बादल रहने और उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने व वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट आने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात से हो रही बारिश के चलते शहर में जलभराव हो गया। कई जगहों पर तो दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के जैन कॉलेज रोड, जगाधरी गेट, घास मंडी, सर्कुलर रोड, मानव चौक, अग्रसेन चौक, अंबिका देवी मंदिर, नदी मोहल्ला, कपड़ा मार्केट, रामबाग रोड, मॉडल टाउन, सेक्टर नौ सहित शहर के कई स्थानों पर जलभराव से दोपहर बाद तक परेशानी बनी रही।
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बारिश से मारंकडा नदी में उफान आया
मुलाना। पहाड़ी क्षेत्र सहित मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश से गुरुवार सुबह मारकंडा नदी में उफान आया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया। सिंचाई विभाग के अनुसार सुबह करीब 10 बजे 7.8 फुट करीब 32 हजार क्यूसेक जलस्तर पहुंच गया था। इसके बाद जलस्तर घटने लगा। दोपहर 12 बजे जलस्तर करीब 7.2 फीट करीब 29 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था, लेकिन 7.8 फीट पर जलस्तर पहुंचने के कारण नदी किनारे लगते गांवों के खेतों में मारकंड़ा नदी के पानी ने फसलों को प्रभावित किया। गुरुवार शाम मारकंडा नदी का जलस्तर 6.5 फीट करीब 24 हजार क्यूसेक रह गया था, जोकि लगातार घट रहा है।