- प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों को होना पड़ रहा रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा, पंजाब के अलावा दूसरे राज्यों के कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी बनने वाला अटल कैंसर केयर केंद्र विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहा है। यहां तक कि ब्लड कैंसर यानी हीमेटोलॉजिस्ट के विशेषज्ञ की नियुक्ति न होना एक बड़ी खामी साबित हो रहा है। इस केंद्र को खुले करीब तीन साल का समय बीत चुका है। बावजूद अब तक ब्लड कैंसर स्पेशलिस्ट की नियुक्ति पत्राचार के ही फेर में उलझी पड़ी है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बार-बार विज्ञापन जारी कर डॉक्टरों को न्यौता दे रहे हैं, लेकिन कोई भी इस ओर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। दूसरों राज्यों से ब्लड कैंसर के मरीज यहां पहुंचते हैं तो उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। जबकि जानलेवा ब्लड कैंसर के मरीजों में लगातार इजाफा होता जा रहा है।
रेडियोओंकोलॉजिस्ट, सर्जिकल, न्यूरोलॉजिस्ट के पद खाली
अटल कैंसर केयर केंद्र में जैसे-जैसे समय बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे विशेषज्ञों की कमी खल रही है। यहां तक कि जो विशेषज्ञ अस्थाई रूप से लगे थे वो भी अपनी नौकरी का मोह त्याग चुके हैं। इनमें प्लास्टिक सर्जन सहित न्यूरोलॉजिस्ट है। इसके अलावा तीन साल से ब्लड कैंसर के अलावा 2 रेडियोओंकोलॉजिस्ट, 2 सर्जिकल ओंकोलॉजिस्ट, 2 मेडिकल ओंकोलॉजिस्ट, 2 रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर, 3 रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट की कमी है।
अस्पताल मेंं आकर मरीजों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
ब्लड कैंसर का उपचार करवाने के लिए करनाल से पहुंचे उमेश साहनी ने बताया कि वह अपने भाई हिमांशु को टैक्सी कर अटल कैंसर केयर केंद्र में पहुंचे थे। जैसे ही रजिस्ट्रे्शन काउंटर पर पहुंचे तो पता चला कि ब्लड कैंसर विशेषज्ञ नहीं है। उन्हें ओपीडी में अन्य डॉक्टर के पास भेज दिया गया। डॉक्टर ने भी कैंसर के बारे में जाना तो पीजीआई रेफर कर दिया। कहा गया कि विशेषज्ञ की कमी के चलते उनके पास रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
ब्लड कैंसर विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है। नए मरीजों की स्क्रीनिंग की जाती है।
डॉ. रोशनी, कैंसर रोग विशेषज्ञ अंबाला
अटल कैंसर केयर केंद्र से ब्लड कैंसर सहित अन्य विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए मुख्यालय स्तर पर निर्णय लिया जाना है।
डॉ. यशपाल वर्मा, निर्देशक अटल कैंसर केयर केंद्र।