मुलाना। यमुनानगर जिले के गांव सरावां से शेरपुर व सुलखनी गांव में आ रहा गंदा पानी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन को कई बार शिकायत दी लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को सढ़ौरा-बराड़ा मार्ग पर शेरपुर गांव के पास जाम लगा दिया।
इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे मुलाना थाना प्रभारी महेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों की एसडीएम बराड़ा से फोन पर बात कराई तो ग्रामीणों ने एसडीएम को मौके पर आकर समस्या के समाधान के लिए कहा कुछ समय बाद मुलाना थाना प्रभारी के समझाने पर ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया लेकिन सड़क किनारे अपना धरना जारी रखा। इस दौरान किसानों ने हरियाणा सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । कुछ ही देर में एसडीएम बराड़ा शाश्वत सांगवान, डीएसपी बराड़ा सुरेश शर्मा सहित पंचायती राज अधिकारी,पीडब्लूडी अधिकारी भी मौके पर पंहुचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को सुना और मौके का मुआयना कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जब एसडीएम ने संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए तो कुछ देर बाद सभी ग्रामीण भी अपने घरों की तरफ चले गए।
दोनों गांवों में एक हजार एकड़ फसल जलमग्न : ग्रामीण बलदेव सिंह, सुलखनी सरपंच प्रतिनिधि संजीव कुमार, सरपंच शेरपुर हरजीत सिंह, गुरबचन सिंह, रविंद्र कुमार आदि ने बताया कि सरावां से गंदा पानी और बरसाती पानी उनके गांव की तरफ पिछले कई सालों से आ रहा है।
इससे दोनों गांव शेरपुर सुलखनी की करीब एक हजार एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। गांव में पानी घुस गया है। लोगों के घर तक पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह पानी उनके गांव की तरफ न आकर जिला यमुनानगर के क्षेत्र में ही जाता था। संवाद