अंबाला सिटी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूम रहे लावारिस पशु आम लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। ये पशु अचानक से वाहनों के सामने आ जाते हैं। इसके चलते दोपहिया व अन्य वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। लोगों द्वारा कई बार मांग उठाने के बाद भी इस समस्या का निपटारा नहीं हो पा रहा है।
पिछले लंबे समय से नगरनिगम प्रशासन की ओर से लोगों को लावारिस पशुओं की समस्या निजात दिलवाने का आश्वासन तो मिल रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हो रहा है। दुर्गानगर क्षेत्र के हरदीप सिंह, गुरदीप सिंह, अतुल कुमार, प्रवीन अरोड़ा, रमन कुमार, काला सैनी, सतिन्द्र सिंह, राजविन्द्र सिंह, सुखविन्द्र कौर, गुरप्रीत कौर आदि ने बताया कि दुर्गानगर क्षेत्र की गलियों में लावारिस पशु घूमते रहते हैं। दो महीने पहले भी नगरनिगम अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया था कि इन लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए एक टीम कैथल से बुलाई जाएगी।
यह टीम लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में भेजेगी। इसके विपरीत कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। आज स्थिति यह है कि पहले के अनुपात में इन लावारिस पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यह पशु कई बार दुर्गानगर क्षेत्र से गुजरने वाली हिसार रोड पर चले जाते हैं। जहां रात के समय वाहन चालक रोड के बीच पशु होने का अंदाजा नहीं लगा पाता और हादसे का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन से पहले भी कई बार मांग की जा चुकी है कि इन बेसहारा पशुओं को पकड़कर कहीं दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाय। आमजन की जान माल की सुरक्षा हो सके।
पिछले करीब दो महीने पहले भी इन लावारिस पशुओं के बारे में नगरनिगम प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया गया था, लेकिन निगम की ओर से इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र के लोगों में एक डर का माहौल बना हुआ है। निगम प्रशासन को चाहिए कि समय रहते ही इस मामले पर कार्रवाई करे। - सरदार हरदीप सिंह, स्थानीय निवासी दुर्गानगर, अंबाला शहर।
कई दिनों पहले गली के बीच से कुछ बच्चे अपने घर की ओर जा रहे थे कि अचानक एक लावारिस पशु ने उन बच्चों पर हमला बोल दिया। डर से बच्चे चिल्लाते हुए दौड़ने लगे। समय रहते ही राहगीरों की मदद से उन बच्चों को बचाया जा सका। स्थानीय लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।
- सरदार गुरप्रीत सिंह, स्थानीय निवासी दुर्गानगर, अंबाला शहर।
क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इतनी भारी संख्या में यह पशु कहां से आ रहे हैं। इसका कुछ पता नहीं चल रहा है। पैदल आवाजाही कर रहे राहगीरों के लिए यह सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। जिसके हाथ में कुछ भी सामान आदि को देखते हैं। उस पर तुरंत प्रभाव से हमला बोल देते हैं। प्रशासन को लोगों को इस समस्या से निजात दिलानी चाहिए।
प्रवीन अरोड़ा, स्थानीय निवासी दुर्गानगर, अंबाला शहर।
बीते एक महीने पहले देर रात यह लावारिस पशु हिसार मेन रोड पर चल रहे थे। इस दौरान एक कार चालक इन पशुओं से टकरा गया। यह हादसा बड़ा हो सकता था। यदि कार चालक की गति कुछ तेज होती तो यह एक बड़ा हादसा हो जाता। देर रात रोड खाली होने के कारण ज्यादातर लोगों के वाहनों की गति थोड़ी तेज ही होती है।
-सरदार सतिन्द्र सिंह, राहगीर, अंबाला शहर।
लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए नगरनिगम प्रशासन की ओर से टेंडर किया जा चुका है। दो चार दिन में इनको पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी जाएगी। लोगों की सुरक्षा को मदद्देनजर रखते हुए निगम की ओर यह कदम उठाए गए है। इन बेसहारा पशुओं की समस्या अंबाला शहर के कई क्षेत्रों से मिल रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
- अमन डांडा, डीएमसी, नगरनिगम अंबाला।