अंबाला सिटी। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की द्वितीय चरण परीक्षा में पुरुषों के मुकाबले महिला परीक्षार्थियों का दबदबा रहा। उल्लास कार्यक्रम के तहत दूसरी बार परीक्षा का आयोजन 30 मार्च को कराया था। अब इस परीक्षा का परिणाम जारी हुआ।
परीक्षा में कुल 4 हजार 839 परीक्षार्थियों में से एक हजार 43 पुरुष और तीन हजार 796 महिलाओं ने परीक्षा दी थी। इनमें एक हजार 43 पुरुष में से एक हजार 13 पुरुष उत्तीर्ण हुए, जबकि तीन हजार 796 में से तीन हजार 658 महिलाएं पास हुई। परीक्षा में 30 पुरुष और 138 महिलाएं असफल रहे, जो आगामी उल्लास परीक्षा में दोबारा शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के तहत अभी तक 15 हजार 58 पंजीकरण हो चुके हैं।
बता दें कि हरियाणा राज्य में उल्लास कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी के लिए शिक्षा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। यह नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआईएलपी) 2026-27 तक चलेगा। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर लोगों को उल्लास ऐप के माध्यम से पंजीकृत किया जा रहा है। उन्हें वालंटियर शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा अंबाला शहर खंड में उत्तीर्ण हुए परीक्षार्थी
खंड- कुल परीक्षार्थी- उत्तीर्ण पुरुष- उत्तीर्ण महिला- कुल उत्तीर्ण
अंबाला शहर 1098 222 854 1076
अंबाला कैंट 1018 204 814 942
बराड़ा 723 167 556 701
नारायणगढ़ 630 157 473 626
साहा 739 150 589 725
शहजादपुर 631 142 489 601
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95 वर्ष तक के बुजुर्गों ने दी थी परीक्षा
दरअसल, उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम मूल्यांकन के तहत शिक्षा विभाग ने सितंबर माह में पहली बार परीक्षा करवाई गई थी। उसमें असफल रहे व अनुपस्थित रहे पुराने रजिस्टर्ड लर्नर्स के साथ साथ नए रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों की मार्च माह में प्रथम स्तर की दूसरी परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा में कई राजकीय स्कूलों में 60 वर्ष से ऊपर के कई बुजुर्ग दंपती ने परीक्षा दी थी। यही नहीं 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने भी परीक्षा दी थी। यह परीक्षा 150 अंक की ली गई थी। इसके बाद स्कूल शिक्षकों ने पेपर चेक किए थे। कुल 150 अंक की परीक्षा में 33 फीसदी अंक वाला उत्तीर्ण माना गया।
वर्जन
उल्लास कार्यक्रम के तहत हुई दूसरी परीक्षा का परिणाम जारी हो गया है। जिले में कुल 4 हजार 839 परीक्षार्थियों में से 4 हजार 671 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। परीक्षा में 30 पुरुष और 138 महिलाएं असफल रहे, जो आगामी उल्लास परीक्षा में दोबारा शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के तहत अभी तक 15 हजार 58 निरक्षर पंजीकरण हो चुके हैं।
कृष्ण पूनिया, जिला समन्वयक, उल्लास कार्यक्रम।
वर्जन
जिले में उल्लास कार्यक्रम के तहत निरक्षर की शिक्षा की गुणवत्ता को महत्व दिया जा रहा है। निरक्षर और वालंटियर शिक्षक के साथ शिक्षण सामग्री निरंतर साझा की जा रही है। कमजोर नजर वाले निरक्षर को चश्मे लगाने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता है।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।