करनाल के घरौंडा खंड से बस स्टैंड से शुक्रवार देर शाम को अंबाला एसटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बताया जा रहा है कि नौ नवंबर को सेक्टर-तीन कुरुक्षेत्र निवासी इमिग्रेशन एजेंट के घर पर आरोपी दीपक व अमन ने गोलियां चलाई थी। वहीं खुलासा हुआ कि दोनों शूटरों को लॉरेंस के भाई अनमोल ने इमिग्रेशन एजेंट पर गोलिया चलाने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा किया था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक एक 32 बोर की अवैध पिस्तौल भी बरामद हुई है। दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
एसटीएफ टीम के इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ने बताया कि कुरूक्षेत्र के सेक्टर-तीन निवासी इमिग्रेशन एजेंट सतेंद्र पाल को पिछले करीब दो माह से लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई और आशु के नाम से विदेशी नंबर से फोन आ रहे थे। इसमें उससे दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। जिसके चलते उसे पुलिस सुरक्षा भी मिली हुई थी। अमेरिका में रह रहे अनमोल बिश्नोई ने सतेंद्र पर गोलियां चलाने के लिए घरौंडा के कालरम गांव निवासी दीपक और अमन को हायर किया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर शाम को दोनों आरोपियों को घरौंडा बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया है। दोनों घरौंडा के कालरम गांव के रहने वाले है। एक का नाम दीपक व दूसरे का नाम अमन है। दोनों की उम्र 20 से 22 वर्ष है।
सोशल मीडिया से गैंगस्टर के भाई से हुई थी बात
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों की सोशल मीडिया के माध्यम से गैंगस्टर के भाई अनमोल बिश्नोई से बातचीत हुई थी। जिसके बाद अनमोल ने उन्हें सतेन्द्र पाल को मारने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी। वहीं एडवांस के तौर पर गैंगस्टर के भाई अनमोल बिश्नोई ने उनके खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। जिसके बाद दोनों एक मोटरसाइकिल पर बैठकर कुरुक्षेत्र रवाना हुए। वहां पर बीती नौ नवंबर को सेक्टर-तीन कुरुक्षेत्र में जाकर एजेंट सतेंद्र पाल जब शाम को अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी आरोपियों ने उस पर तीन गोलियां चला दी लेकिन वह बच गया। जिसके बाद दोनों मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। वारदात के दौरान दोनों ने मुंह पर कपड़ा बांधा हुआ था।
अधिकारी के अनुसार
दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को बरामद किया जाएगा और अवैध पिस्टल कहां से खरीदी गई। इस बारे में पता किया जाएगा। इस मामले में और कौन-कौन आरोपी शामिल हैं उनकी भी पूछताछ की जाएगी।
-दीपेंद्र सिंह, इंचार्ज, एसटीएफ, अंबाला।