कार की चपेट में आकर जान गंवाने वाले भूपेंद्र मुखिया के शव को कांधा देते हुए पुलिस मुलाजिम: सोश
- जांच अधिकारी धर्मपाल व हवलदार महेंद्र ने परिवार को आर्थिक मदद भी पहुंचाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जंडली फ्लाईओवर के पास कार की चपेट में आकर जान गंवाने वाले भूपेंद्र मुखिया का अंतिम संस्कार करने के लिए रविवार को पुलिस ने मानवीय संवेदना दिखाई। हादसे के बाद मृतक की बेटी आशा और अन्य परिजन सदमे में थे। अंबाला में उनका कोई नहीं था जो इस कठिन घड़ी में मदद कर सके। परिजनों की लाचारी देख मॉडल टाउन पुलिस के सब इंस्पेक्टर धर्मपाल व हवलदार महेंद्र ने मदद करने का जिम्मा उठाया। जंडली के श्मशान घाट में संस्कार से पहले भूपेंद्र के शव को कंधा भी दिया और अंतिम संस्कार करवाया। वहीं उन्हें पता चला कि मृतक भूपेंद्र मुखिया अपने पीछे आठ बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में दोनों ने मिलकर पीड़ित परिवार को नकद आर्थिक सहायता भी प्रदान की ताकि वह वापस अपने गांव लौट सकें।
सात बेटियों के बाद भूपेंद्र के घर पैदा हुआ था बेटा
मृतक की बेटी आशा कुमारी ने बताया कि वह सात बहनें हैं। डेढ़ साल पहले ही मन्नतों के बाद भाई का जन्म हुआ था। इससे पिता व मां दोनों खुश थे। वह अपनी बहन मनीषा व पिता भूपेंद्र मुखिया के साथ खुशी-खुशी अपने गांव से अंबाला कैंट पहुंचे थे। हालांकि पहले वह आराम करने की सोच रहे थे लेकिन लौटने के बाद काम निपटाने की जल्दी में सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर ही ऑटो में सवार हो गए थे। आशा का कहना था कि अगर वह थोड़ी देर और स्टेशन पर आराम कर लेते तो यह हादसा नहीं होता। जांच अधिकारी धर्मपाल ने बताया कि ऑटो चालक के भी घायल होने की सूचना है लेकिन यह पता नहीं चला है कि वह कौन से अस्पताल में है या छुट्टी मिल गई। जांच में सामने आया है कि ऑटो के असल मालिक अंबाला कैंट के रहने वाला है। उन्होंने यह ऑटो चालक को किराये पर दिया हुआ था। उधर, कार अंबाला कैंट की बताई जा रही है। जल्द ही असल मालिक तक पहुंचकर उसे काबू किया जाएगा।