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टीटीई की डेंगू से मौत, रेलवे कॉलोनी में दहशत

Fri, 04 Sep 2015 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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डेंगू का प्रकोप अंबाला में भी फैल रहा है। वीरवार को डेंगू बुखार से ग्रस्त रेलवे के युवक टीटीई रौशन की मौत हो गई। तेज बुखार की वजह से उसे अंबाला से चंडीगढ़ रेफर किया गया था। बाद में परिजन उसकी हालत बिगड़ती देख मोहाली के नामी प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां टीटीई की मौत हो गई। टीटीई का शव मोहाली से वापस अंबाला लाया गया और यहां से ट्रेन से ही उसके पैतृक शहर बिहार के भागलपुर की ओर रवाना कर दिया गया। टीटीई रौशन पिछले काफी समय से अंबाला रेल मंडल में ही बतौर टीटीई अपनी नौकरी कर रहा था और अंबाला कैंट रेलवे कालोनी में रहता था। डेंगू बुखार से टीटीई की मौत के बाद यहां कैंट रेलवे कालोनी में दहशत का माहौल है। क्योंकि यहां कई खाली जगहों पर बरसाती पानी एकत्रित है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य महकमे से मांग की है कि उनके इलाके में फोगिंग करवाई जाए।
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तीन दिन पहले हुआ बुखार, अब दम तोड़ा टीटीई रौशन तीन दिन पहले जब वे ड्यूटी से घर लौटा तो उसे हल्का सा बुखार महसूस होने लगा। रौशन बुखार की टेबलेट लेकर सो गया। सुबह उसे बुखार में कोई खास फर्क नहीं पड़ा। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए गया। जहां रौशन को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हो गई। प्राइवेट अस्पताल से टीटीई को रेलवे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। यहां से भी उसे चंडीगढ़ सेक्टर के 32 के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन व अन्य टीटीई रौशन को लेकर चंडीगढ़ सेक्टर 32 पहुंचे। मगर वहां भी उसकी हालत ज्यादा बिगड़ती देख, परिजन रौशन को लेकर मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां मरीज को तुरंत वेंटीलेटर पर डाल दिया गया। लेकिन वहां इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।

शव लेने को लेकर भी हुई तकराररौशन का शव लेने को लेकर भी परिजनों व अन्य टीटीई साथियों की प्राइवेट अस्पताल प्रशासन से तकरार हो गई। परिजनों व टीटीई के साथियों के अनुसार उन्होंने प्राइवेट अस्पताल में एक लाख रुपये जमा कराए थे, उसके बाद उन्होंने पैंसठ हजार रुपये टेस्ट इत्यादि के भी जमा करा दिए। इस दौरान मरीज को वेंटीलेटर पर लगातार रखा गया। बुधवार रात को  परिजनों ने प्राइवेट प्रशासन से आग्रह किया कि यदि टीटीई की हालत में सुधार नहीं आ रहा है तो वे मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दें। अभी ये बातचीत चल रही थी कि वीरवार अल सुबह रौशन को मृत घोषित कर दिया और शव ले जाने से पहले पौने दो लाख रुपये बकाया फीस के जमा कराने को कह दिया। बस, इसी बात को लेकर प्राइवेट अस्पताल प्रशासन व परिजनों की तकरार हो गई। अंतत: परिजन पैंसठ हजार रुपये और जमा करवाकर शव को अंबाला लेकर आए।
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मामला संज्ञान में आया है। रेलवे प्रशासन से बातचीत की जाएगी और मरीज की केस हिस्ट्री का भी अवलोकन किया जाएगा। इलाके में फोगिंग भी कराई जाएगी। सभी लोगों से आह्वान है कि वे अपने आसपास पानी जमा न रहने दें। जहां भी पानी जमा हैं, वहां पेट्रोल व डीजल का छिड़काव करें। मरीज का बुखार यदि लगातार हो रहा है और टूट नहीं रहा है, तो वे तुरंत डाक्टर से बुखार की टेस्ट कराए।-डॉक्टर विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला
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