अंबाला सिटी। किसान आंदोलन में हलचल बढ़ने के कारण अंबाला के व्यापारियों को उम्मीद थी कि शंभू बॉर्डर अब खुल जाएगा। मगर शुक्रवार की कार्रवाई के बाद व्यापारियों की उम्मीद भी टूट चुकी है। हाल ही में कुछ क्षेत्रों से हटाए गए बैरिकेड से व्यापारियों को उम्मीद थी कि सीमा खुल जाएगी। दिल्ली कूच की चर्चा के बाद अन्य राज्यों से आने वाले ग्राहक भी अब अंबाला से दूरी बना रहे हैं। इन दिनों शादियों का सीजन है।
अंबाला से पंजाब सहित अन्य राज्यों में बहुत अधिक व्यापार किया जाता है। शंभु सीमा बंद होने के बाद से ही अंबाला के बाजारों में अब सन्नाटा पसर गया है।पंजाब के छोटे दुकानदारों से संपर्क बनाए रखने के लिए अंबाला के व्यापारी अब पंजाब में जाकर डोर टू डोर टूर कैंपेन कर रहे हैं जिससे दुकानदार अंबाला से जुड़े रहें। हालांकि इससे अधिक फायदा नहीं हुआ है।
व्यापारियों को संभालने वाला कोई नहीं : रत्न
व्यापारी राम रत्न गर्ग ने कहा कि व्यापारियों को अब कोई भी संभालने वाला नहीं है। बाजार में छोटे दुकानदार पतन की ओर जा रहे हैं। ऐसे में जल्द ही बाजार खाली हो जाएंगे। सरकार को इसका कोई हल निकालना चाहिए। जिससे व्यापारियों को भी राहत मिले।
शादियों के सीजन में मंदी का दौर : अनिल
चूड़ियों के व्यापारी अनिल ने बताया कि इन दिनों शादियों का सीजन है लेकिन बीते वर्षों की तरह अब बाजार में ग्राहक नहीं हैं। अंबाला से जाने वाले होलसेल सामान की मांग घटती जा रही है। छोटे दुकानदार पंजाब के दूसरे शहरों पर निर्भर हो गए हैं। ऐसे में उन्हें व्यापार संबंधी खर्चे निकालना भी मुश्किल हो गया है। इधर शंभु सीमा पर हो रही हलचल से भी व्यापारियों की उम्मीदें टूट गई है।
पंजाब के चक्कर लगा रहे व्यापारी : कृष्ण
कृष्ण गंभीर ने कहा कि अब तो व्यापारियाें ने उम्मीदें ही छोड़ दी हैं। व्यापारी अपने स्तर पर ही पंजाब के दुकानदारों पर टूर कर रहे हैं जबकि पहले उन्हें फोन पर ही ऑर्डर मिल जाते थे। इससे व्यापारियों का खर्चा भी अधिक बढ़ गया है।