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Ambala News: पौने घंटे जाम में फंसी तीन एंबुलेंस, नवजात और दो अन्य मरीजों की अटकीं सांस

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अंबाला-दिल्ली हाईवे पर लगे जाम में फंसी पांच दिन के नवजात को लेकर जा रहे मिल्ट्री अस्पताल की एं
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- अंबाला-दिल्ली हाईवे पर हुए हादसे के बाद वाहन चालकों की जल्दबाजी पड़ी भारी, गलत लेन में घुसने पर चरमराई व्यवस्था
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अंशु शर्मा
अंबाला। अंबाला-दिल्ली राजमार्ग पर सोमवार को सड़क हादसे के बाद लगे जाम में पांच नवजात और दो अन्य मरीजों की एंबुलेंस में सांसें अटकी रहीं। दो से तीन किलोमीटर का सफर तय करने में तीन एबुलेंस को पौना घंटा जाम में फंसे रहना पड़ा। गनीमत रही कि एंबुलेंस में सभी सुरक्षित रहे। इनमें सबसे नाजुक स्थिति 5 दिन के नवजात की थी। नवजात को अंबाला कैंट के मिल्ट्री अस्पताल से ऑक्सीजन सपोर्ट पर ईको करवाने के लिए मोहड़ा के निकट आदेश अस्पताल में रेफर किया गया था।
करीब पौने घंटे तक एंबुलेंस का सायरन बजता रहा लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में गलत लेन में घुसे वाहन चालकों का दिल नहीं पसीजा। इस बीच एंबुलेंस में तैनात अस्पताल स्टाफ के सदस्यों की धड़कनें बढ़ी रही। जाम खुलने के बाद राहत की सांस ली।
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गलत लेन में घुसने पर वाहन फंसे
कैंटर अनियंत्रित होकर दिल्ली से अंबाला कैंट वाली लेन पर पलट गया था। ऐसे में वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। स्थिति उस समय ज्यादा बिगड़ गई जब सभी वाहन चालक जल्द अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए अंबाला कैंट से दिल्ली लेन में घुस गए। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहन फंसते चले गए थे। इस स्थिति को लेकर भारी पुलिस बल को मौके पर बुलाकर यातायात को दुरुस्त करवाया। कैंट के डीएसपी रमेश खुद भी ट्रैफिक व्यवस्था को संभालते हुए नजर आ रहे थे। बाद में जाकर एंबुलेंस को निकाला गया। उधर, वाहन चालक जल्दबाजी में सेक्टर-33-34 की तरफ चले गए थे। बाद में भटकने के बाद दोबारा हाईवे पर पहुंचे।
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कैंटर में लोड कैमिकल से टांगरी पुल पर बनी फिसलन
टांगरी बांध पुल पर अनियंत्रित होकर पलटे कैंटर में स्टायरेक्स ईपीएस रेजिन (ग्रेड 710) के बैग थे। जो प्लास्टिक व मोल्डेड उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला एक प्रकार का औद्योगिक कच्चा माल है। हादसे के बाद बैग पुल पर ही बिखर गए। कुछ फटने के कारण यह कच्चा माल पुल पर ही जगह-जगह गिर गया था। पानी लगने के बाद पुल पर फिसलन बन गई थी। लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया था। प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक संजीव ने बताया कि तरसेम के साथ वह बात करता हुआ अंबाला कैंट की तरफ आ रहा था। दोनों एक ही गांव के थे। उसे क्या पता था कि चंद सेकेंड में उसकी मौत हो जाएगी। टक्कर के बाद वह तो संभल गया लेकिन तरसेम सीधा हाईवे पर ही गिर गया। देखते ही देखते आंखों के सामने तरसेम पर अनियंत्रित कैंटर पलट गया। कैंटर चालक नशे में था।

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