अंबाला। अंबाला छावनी में अब बिजली की किल्लत नहीं रहेगी और 66 केवी के सब स्टेशन लोगों की लाइफ लाइन बनेंगे जोकि एक बहुत बड़ी सौगात होगी। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला छावनी के आईओसी डिपो के पास 66 केवी सबस्टेशन आईओसी की क्षमता वृद्धि का लोकार्पण किया ताकि जनता को फायदा मिले।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि सबस्टेशन में तेपला से सीधे दो सर्किट आए हैं। इनमें एक 12 क्राॅस रोड और दूसरा आईओसी सब स्टेशन में आया है। इन दोनों सर्किट को आपस में जोड़ा गया है ताकि एक लाइन खराब हो जाए तो दूसरी तरफ से बिजली की आपूर्ति जा सके। पहले एक सब स्टेशन की लाइट बंद होने से बैकअप नहीं होता था, मगर अब हमारे पास बैकअप होगा।
पहले लगते थे कट, होते थे प्रदर्शन
विज ने कहा कि अंबाला छावनी में उन्हें बतौर विधायक 1995-96 में सौंपा गया था। तब यहां पर रोजाना रात को बिजली के कट लगते थे और लोग गलियों-मोहल्लों में प्रदर्शन करते थे। यहां पहले जो बिजली की सप्लाई थी वह केवल बीबीएमबी से थी। इससे बाकी क्षेत्रों का लोड बढ़ जाता था और इसकी मार सबसे पहले अंबाला छावनी को पड़ती थी।
वह विधायक बने तो पता चला कि अंबाला छावनी का बाकी हरियाणा से कोई सर्किट जुड़ा ही नहीं हुआ है। इसलिए यहां इंडस्ट्री और लोग भी परेशान होते थे। उन्होंने छोटा प्रयास किया और 66 केवी शाहबाद से दो सर्किट डलवाए।
इससे अंबाला छावनी हरियाणा से जुड़ गया। मगर यह भी समस्या का पूरा समाधान नहीं था। इसके बाद उन्होंने तेपला में 220 केवी का सब स्टेशन लगवाकर दिया। तेपला से पहले इंडस्ट्रियल एरिया का सर्किट डला और लाइट आई। इंडस्ट्रियल एरिया से यहां पर एक सर्किट आता था। इससे यहां पर बिजली मिलती थी।
इन क्षेत्रों को होगा सीधा फायदा
सब स्टेशन की क्षमता बढ़ने व लाइनों से सुदृढ़ होने से अंबाला छावनी के 40 क्षेत्रों के 22 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा होगा। इसमें सिविल अस्पताल, पीएंडटी कॉलोनी, शिवाला मंडी, दूधला मंडी, गुलाब मंडी, सुंदर नगर, चंदर पुरी, डीआरएम कॉम्प्लेक्स, रेलवे कॉलोनी, बीडी फ्लोर मील के पीछे का क्षेत्र, शास्त्री कॉलोनी, बंधु नगर, नन्हेड़ा, रंगिया मंडी, नन्हेड़ा रोड, आनंद विहार, विद्या नगर, कुम्हार मंडी, चैन मंडी, कच्चा बाजार, पुलिस क्वार्टर, राम बाग रोड, राम कृष्ण कॉलोनी, मुडा मंडी के अलावा कई गांवों के ट्यूबवेलों की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
क्षमता वृद्धि के फायदे
बिजली का लोड सरप्लस होगा। किसी कालोनी या मोहल्ले में अतिरिक्त लोड लेने की समस्या नहीं होगी। बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा। बिजली आपूर्ति निर्बाध निरंतर होगी। फाल्ट कम होंगे। पहले लाइनें फेल हो जाती थी। मगर अब 66 केवी की इनपुट सप्लाई निरंतर बनी रहेगी।