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Ambala News: नन्हेडा ओवरब्रिज पर के निर्माण में गोलमाल, सीढ़ियां ही नहीं बनीं

Fri, 06 Feb 2026 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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नन्हेडा ओवर ब्रिज पर पैदल जाने के लिए छोड़ा गया रास्ता। संवाद
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संदीप कुमार,
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अंबाला। छावनी के नन्हेडा में 21.48 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए रेलवे ओवरब्रिज में बड़ा विवाद सामने आया है। इस ओवरब्रिज को बनाकर तैयार तो कर दिया गया मगर स्थानीय पैदल आने जाने वाले लोगों के लिए सीढ़ियों का निर्माण ही नहीं किया गया। लगभग एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ठेकेदार ने लंबित काम की सुध नहीं ली। वहीं लोक निर्माण विभाग ने भी इस मामले को अनदेखा कर दिया। ऐसे में अब स्थानीय लोगों ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से गुहार लगाने की तैयारी कर ली है ताकि पुल के ढांचे के साथ अधूरी पड़ी सीढ़ियों को निर्माण हो सके।
हैरानी की बात है कि सुरक्षा के लिए लिहाज से पुल के मुख्य हिस्से की तरफ छोटे गए खाली रास्तों को भी बंद नहीं किया गया है जोकि कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस मामले को लेकर जब लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता रितेश गोयल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नक्शा देखने के बाद ही इसकी जानकारी दी जा सकती है। इसके लिए टीम को मौके भेजकर मुआयना भी कराया जाएगा। नन्हेड़ा फाटक नंबर 122-सी पर बने इस पुल का निर्माण कार्य साल 2019 में शुरू हुआ था। इसके आधे हिस्से का निर्माण रेलवे ने और आधे का लोक निर्माण विभाग ने किया था। दिसंबर 2024 में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इसका उद्घाटन किया था। पुल बनने से नन्हेड़ा, रंगिया मंडी, मिलाप नगर, अर्जुन नगर, आनंद विहार और सेक्टर 32, 33, 34 सहित करीब एक दर्जन कॉलोनियों को सदर बाजार जाने के लिए जाम से मुक्ति तो मिल गई, लेकिन पैदल यात्रियों की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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पुल पर चढ़ना मुश्किल, ट्रैक ही सहारा

नन्हेड़ा निवासी राजेश ने बताया कि पैदल होने की स्थिति में पूरा पुल चढ़ना काफी मुश्किल होता है, इसलिए वह मजबूरी में रेलवे ट्रैक पार कर बाजार जाते हैं।

बाजार जाने के लिए करते हैं इस्तेमाल

नन्हेडा निवासी मगन ने बताया कि वह बाजार में काम करते हैं पैदल ओवर ब्रिज के ऊपर से बाजार जाने में समय लगता है। इसलिए वह पैदल ही रेलवे ट्रैक क्रॉस करते हैं।

ओवरब्रिज पर नहीं है सीढ़ी

गुलाब सिंह ने बताया कि बाइक होने पर तो वे पुल से चले जाते हैं, लेकिन पैदल चलते समय ट्रैक क्रॉस करना ही एकमात्र रास्ता बचता है। इसके साथ ही रज्जी और गुड़िया ने बताया कि नन्हेड़ा मार्केट में डाक्टर के पास जाने के लिए रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल करना पड़ता है क्योंकि ओवर ब्रिज पर सीढ़ियां नहीं हैं।
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नन्हेडा ओवर ब्रिज पर पैदल जाने के लिए छोड़ा गया रास्ता। संवाद

नन्हेडा ओवर ब्रिज पर पैदल जाने के लिए छोड़ा गया रास्ता। संवाद

नन्हेडा ओवर ब्रिज पर पैदल जाने के लिए छोड़ा गया रास्ता। संवाद

नन्हेडा ओवर ब्रिज पर पैदल जाने के लिए छोड़ा गया रास्ता। संवाद

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