अंबाला सिटी। जिला अंबाला की मंडियों में उठान की स्थिति सुधरी तो अब किसानों को धान की नमी परेशानी में डाल रही है। किसानों का कहना है कि जब राइस मिलर्स के कर्मचारी धान की नमी जांचते है तो नमी का आंकड़ा कुछ और तो हैफेड के मीटर में नमी का आंकड़ा एक से दो स्तर कम ही आता है।
ऐसे में किसान संशय में हैं कि मिलर के मीटर में कमी है या फिर एजेंसी के मीटर सही नमी नहीं बता पा रहे हैं। जो किसान नमी की जांच करवाने एजेंसी के पास नहीं जा रहे हैं। उन्हें मजबूरी में नमी के कट पर ही अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। अब की बार नमी का कट भी 50 रुपए लिया जा रहा है।
इससे किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपए का नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष ही यह समस्या देखने को मिल रही है। इससे पहले कभी इस प्रकार की समस्या सामने नहीं आई है। बलाना गांव निवासी किसान तारा सिंह और गुरविंद्र सिंह ने बताया कि इस बार जो धान हाथ से काटी जा रही है उसमें नमी की मात्रा बहुत कम है। जबकि मशीन से कटवाई जाने वाली धान में नमी की मात्रा अधिक आ रही है।
इसके साथ ही मीटर में भी नमी का अंतर देखने को मिल रहा है। किसानों ने कहा कि इस बार नमी की समस्या ही सबसे बड़ी समस्या है।
वर्जन
हमारी ओर से राइस मिलर्स के मीटरों की जांच समय-समय पर करवाई जाती है। जिस भी मीटर में शिकायत पाई जाती है। उसे तुरंत ठीक कराया जाता है।
-दिलेल सिंह, सचिव, नई अनाज मंडी, अंबाला सिटी।
55 लाख क्विंटल धान की आवक
जिला अंबाला की सभी मंडियों में अभी तक 5522326 क्विंटल से अधिक धान की आवक हो चुकी है। जबकि एजेंसियों ने अभी तक 5365449 क्विंटल धान की खरीद हुई है। वहीं 4488310 क्विंटल धान की उठान पूरी हो चुकी है। जो की कुल खरीद का 83 प्रतिशत है। इधर एजेंसियां किसानों को एक सप्ताह के भीतर ही भुगतान पूरा करवा रही है। अभी तक एजेंसियों ने किसानों को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया है।