अंबाला। जिलाभर के अधिकतर स्कूल व कॉलेजों के मुख्य गेट हाईवे पर खुलने के कारण छात्रों के सिर हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
स्थिति यह है कि कई शिक्षण संस्थानों के बाहर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से रिफ्लेक्टर लाइटों तक की व्यवस्था नहीं है, जिससे कि हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को दूर से ही संकेत मिल सके कि रफ्तार धीमी रखनी है। न ही इन शिक्षण संस्थानों के बाहर डिवाइडरों पर आगे स्कूल है या फिर कृपया धीरे चले के साइन बोर्ड तक लगे हैं।
दोपहर के समय छुट्टी होने पर स्कूलों के बाहर निकलने वाले छात्रों का जमावड़ा लग जाता है। ऐसे में हाईवे पार करते समय हादसे का खतरा बना रहता है। यही स्थिति अंबाला छावनी के डीएवी स्कूल व द एसडी विद्या स्कूल, सनातन धर्म आदर्श संस्कृत कॉलेज के बाहर देखने को मिली। छात्र और परिजन छुट्टी होते ही खतरे के बीच ही सड़क पार कर रहे थे।
लाइटें जहां लगी वहां खराब
कुछ शिक्षण संस्थानों के बाहर यह लाइटें तो लगी है लेकिन अधिकतर खराब हैं। छावनी के एसडी कॉलेज के बाहर हाईवे के कट पर लगी लाइटें कई माह से खराब चल रही है। इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। इसी तरह से लार्ड महावीर जैन स्कूल के सामने भी दो में से एक तरफ की रिफ्लेक्टर लाइट भी बंद है। बावजूद इस ओर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
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रिफ्लेक्टर लाइटें और बोर्ड लगे
दीपक ने बताया कि स्कूलों के बाहर छोटे-छोटे छात्र छुट्टी के बाहर निकलते हैं तो हाईवे पर आते ही हादसे का खतरा बना रहता है। ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस स्कूलों के बाहर रिफ्लेक्टर लाइटें व बोर्ड लगवाएं।
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पुलिस का जवान भी हो तैनात
समाजसेवी विशाल ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के बाद हाईवे पर आते ही एक डर लग रहता है। बच्चों की सुरक्षा के लिए लाइटों के अलावा एक-एक पुलिस का जवान भी तैनात होना चाहिए।
वर्जन
अधिकतर जगह यह लाइटें लगी हुई है। जो खराब है तो उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा। जिस जगह पर नहीं है तो वहां भी इसे लगवाने का प्रस्ताव आलाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
इंस्पेक्टर जोगिंद्र, थाना प्रभारी ट्रैफिक अंबाला कैंट