अंबाला सिटी। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा है। शहर में रोजाना गंदगी होने पर अधिकारी सफाई निरीक्षक व कर्मचारियों को फटकार लगा रहे हैं, मगर एक बड़ा मुद्दा सफाई कर्मचारियों व संसाधनों की कमी का भी है। शहर की आबादी के हिसाब से बात करें तो अभी भी 250 से ज्यादा कर्मचारियों की कमी है। मौजूदा समय में 700 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी लगा है। जबकि 400 लोगों पर एक सफाई कर्मी होना चाहिए।
81 सफाईकर्मी ही हैं नियमित
अभी नगर निगम में 485 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। शहर में 20 वार्ड हैं। शहर की आबादी के हिसाब से 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए, लेकिन निगम में 250 से ज्यादा कर्मचारी की कमी है। अभी वार्डों में 700 लोगों पर एक कर्मचारी है। निगम में 81 सफाई कर्मचारी नियमित, 411 कर्मचारी पालिका के रोल पर हैं। यही नहीं निगम के पास सफाई से जुड़े संसाधनों की कमी भी है। निगम के पास ट्रॉली-ट्रैक्टरों की भी कमी है। पार्षद कई बार सफाई कर्मचारी की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। अभी तक कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी है।
सफाईकर्मियों पर होर्डिंग्स उतारने का भी काम
नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी से शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए पार्षद कई बार हाउस बैठक से लेकर मुख्यमंत्री के सामने तक आवाज उठा चुके हैं, मगर अभी तक निगम में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी। इस वजह से निगम में कार्य कर रहे कर्मचारियों के ऊपर कार्य का दबाव बढ़ रहा है। निगम के कर्मचारी शहर में सफाई व्यवस्था को तो देख ही रहे हैं, साथ ही बरसाती पानी में पंप चलाने से लेकर पोस्टर व होर्डिंग्स उतारने का कार्य भी इन कर्मचारियों को ही करना पड़ रहा है। ऐसे में शहर के वार्डों में सफाई कार्य प्रभावित होता है। निगम में 11 नए गांव शामिल किए गए थे, यहां भी कर्मचारी भेजे जा रहे हैं।
तत्कालीन मुख्यमंत्री के सामने उठा था ये मुद्दा
शहर के एसए जैन कॉलेज में जनसंवाद कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम में शहर के पार्षदों ने मुद्दा उठाया था कि नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की संख्या कम है। इस वजह से उनके वार्डों में सफाई नहीं हो पाती। कर्मचारी कम होने से कई जगहों पर गंदगी बिखरती रहती है। पार्षदों ने मांग की थी कि निगम स्तर पर ही कर्मचारी लगाए जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा था कि कितनी आबादी पर कितने कर्मचारी होने चाहिए और जल्द ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कर्मचारी नहीं बढ़े।
कोट्स
निगम में लंबे समय से सफाई कर्मचारियों की कमी है। सफाई कर्मचारी बढ़ाने के लिए निगम हाउस में कई बार मुद्दा भी उठाया गया, मगर अभी भी निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी है। जिससे शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पूजा चौधरी, मनोनीत पार्षद।
वर्जन
उन्होंने कई दिन पहले निगम आयुक्त को तीन मुख्य बड़ी मांग लिखकर दी थी। इनमें 20 ट्रॉली खरीदी जाएं। यह भी प्रत्येक वार्ड के लिए एक हो। इसके साथ ही निगम में 250 से 300 तक पे रोल पर कच्चे कर्मचारी लगाए जाएं ताकि शहर में गंदगी को खत्म किया जा सके। उनका सपना अंबाला शहर को सफाई में नंबर वन बनाना है। इन मांग को लेकर अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
मीना ढींगरा, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम।
वर्जन
शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर निगम गंभीर है। सुबह से लेकर शाम तक सफाई को लेकर निरीक्षण भी किया जा रहा है। जहां सफाई को लेकर समस्या आ रही है। वह कर्मचारियों को सफाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। आगामी दिनों में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।