अंबाला। तोपखाना परेड में कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा की गई कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरु कर दिया है। इस संबंध में शुक्रवार रात को एक बैठक हुई। इसमें स्थानीय निवासियों ने अपने-अपने विचार बैठक में रखे। कुछ लोगों ने बोर्ड की इस कार्रवाई का विरोध किया तो कुछ ने फसल न काटने को लेकर रोष जताया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वो इस मामले को लेकर कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे और आगामी रणनीति पर भी विचार करेंगे। वहीं शुक्रवार सुबह भी तोपखाना परेड में सूचना पहुंची थी कि बोर्ड की टीम खाली करवाई गई जगह के ईद-गिर्द तारें लगवाने आ रही है। इस सूचना पर स्थानीय निवासी एक बार फिर भड़क गए। जैसे ही इसकी जानकारी बोर्ड अधिकारियों को लगी तो उन्होंने तारें बांधने की कार्रवाई को टाल दिया।
यह है मामला
कैंटोनमेंट बोर्ड की लगभग 21 एकड़ जमीन तोपखाना परेड में है जोकि लीज पर खेती के लिए दी गई थी। लेकिन खेती करने वाले लोगों ने दस साल से किराया नहीं दिया। इसके बाद उन्हें कई नोटिस दिए गए। जब मामला कोर्ट में गया तो वो फैसला भी बोर्ड के हक में आया। इसके बाद बोर्ड ने बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तोपखाना परेड की जगह पर कब्जा ले लिया।
हमने जमीन पर कब्जा ले लिया है। अब तारें लगाने का काम ही बाकी है। यह काम भी पुलिस सुरक्षा में किया जाएगा।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंटोनमेंट बोर्ड।