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हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की मांग पर चुनाव आयोग ने लगाई मोहर, वोटर लिस्ट पर की गई आपत्तियों को जायज माना

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अब चुनाव आयोग ने अंबाला नगर परिषद की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से 16 मार्च 2022 तक नई वोटर लिस्ट तैयार करके 24 मार्च को इस पर जवाब देने को कहा है।
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यह जानकारी हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की राष्ट्रीय महासचिव चित्रा सरवारा ने दी। उन्होंने बताया कि अंबाला सदर नगर परिषद के लिए होने वाले चुनावों के लिए बनाई गई वोटर लिस्टों में षड्यंत्र के तहत धांधली की गई थी। हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट और इसके पदाधिकारियों ने इस पर लगातार आपत्तियां दर्ज करवाई गई थी, मगर उसे अधिकारियों द्वारा नजरंदाज किया गया, जिसके बाद संगठन ने अगस्त 2021 में जारी की गई वोटर लिस्ट पर आपत्तियों के 19 बिंदुओं को लेकर 5 अक्तूबर 2021 को न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सरवारा के मुताबिक चुनाव आयोग ने उनकी बात पर अपनी मोहर लगाई। चुनाव आयोग ने अपने एक आदेश से अधिकारियों को जिन वोटर लिस्ट पर हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट व साथियों द्वारा आपत्तियां दर्ज करवाई गई थी, उस तरह की तमाम त्रुटियों को दुरुस्त करके एक समय सीमा के अंदर जनता के लिए दुबारा से जारी करने बारे में कहा।
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उन्होंने बताया कि इस मुद्दे की जांच के लिए हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट ने अंबाला के पूर्व पार्षदों की एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की सदस्य चित्रा सरवारा का आरोप है कि वोटर लिस्ट की जांच करने पर पाया गया कि इसमें काफी खामियां है।
सरवारा के मुताबिक इस तरह की तमाम मुश्किलों से चुनाव आयोग को भी पत्रों के माध्यम से अवगत कराया गया था। चुनाव आयोग ने अपने अनेको पत्रों के माध्यम से प्रशासन को समय समय पर कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आखिरकार उन्हें पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से जवाब तलब किया, इसके लिए 24 मार्च 2022 की तारीख तय की गई कि आपत्तिकर्ताओं की तमाम त्रुटियों पर अपना पक्ष रखें।
शुक्रवार को चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा दिए गए नोटिस पर शनिवार को हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की चुनावों से जुड़ी कमेटी की चर्चा हुई। इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव चित्रा सरवारा ने बताया कि अनेकों पहलुओं पर किस तरह से लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव हो अनेकों तरह के हथकंडे अपनाकर परिणामों को प्रभावित करते हैं इसका अंदाजा अंबाला में हुए इस षड्यंत्र से लगाया जा सकता है।
संगठन के प्रदेश सचिव गगन डांग ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए बीएलओ दिए गए समय पर नहीं बैठते और जब कुछ समय के लिए बैठते भी है तो आने वाले नागरिकों के फार्मों पर ऐसी आपत्तियां लगा दी जाती है कि या तो वो थक हार जाता है। उन्होंने साथ ही कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधियों की एक समिति बनाई जाए कि इस तरह की आ रही समस्याओं का समाधान किया जा सके। सुभाष चंद भाषी ने सुझाव दिया कि अगर चुनावों से जुड़े तमाम कार्यों की वीडियोग्राफी करवाई जाए तो अनेकों तरह की आ रही समस्याओं का समाधान खुद ब खुद हो जाएगा। संगठन में अंबाला के महासचिव सुरेश त्रेहन ने कहा कि वोट बनाने का काम डोर टू डोर किया जाना चाहिए।
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