अंबाला। कैंट रेलवे स्टेशन से एके-103 राइफल और गोलियों सहित पकड़े गए आरोपी पटियाला निवासी सूरज गिरी को सोमवार कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी के कब्जे से मिली एके-103 राइफल, दो खाली मैगजीन और 40 गोलियों को जीआरपी ने अपने कब्जे में ले लिया है जोकि कोर्ट के आदेश के बाद एयरफोर्स को सौंपी जाएंगी। इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता नहीं पाई गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने इसका खुलासा किया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत राजपुरा थाने में एक मामला दर्ज है। आरोपी के परिजनों ने पूछताछ के दौरान बताया कि नशे के चक्कर में वो चोर बन गया है। पकड़ी गई राइफल, मैगजीन और गोलियों की कीमत लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।
मध्यप्रदेश गए थे एयरफोर्स के दो जवान
जिस एयरफोर्स जवान का ट्रेन से राइफल सहित गोलियों वाला बैग चोरी हुआ था। कुछ दिन पहले उन्हें एक विशेष सामान की सुरक्षा के लिए एके-103 राइफल सहित भेजा गया था। ये दो जवान एयरफोर्स के विशेष दस्ते के सुरक्षा कर्मी थे। इनमें से एक का सामान सुरक्षित रहा और दूसरे का सोते समय ट्रेन से चोरी हो गया।
कैंट स्टेशन पर आया वापस
आरोपी सूरज गिरी ने पूछताछ में बताया कि उसने शनिवार रात को ट्रेन नंबर 18237 छत्तीसगढ के एसी कोच में बैग चोरी किया था। बैग चोरी करने के बाद वो राजपुरा स्टेशन पर उतर गया। जब उसने बैग में राइफल और गोलियां देखी तो वो घबरा गया। वो दोबारा से अंबाला कैंट स्टेशन पर आ गया ताकि बैग को लावारिस छोड़ सके। लेकिन इससे पहले ही उसे सुरक्षा टीम ने पकड़ लिया।
यह था मामला
मामला एके-103 राइफल और एयरफोर्स से जुड़ा था। इसलिए इस पर सभी सुरक्षा एजेंसियों ने चुप्पी साधे रखी। शनिवार की रात हुई घटना की एफआईआर रविवार रात को दर्ज की गई। एफआईआर में बताया गया कि अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर जब सुरक्षा टीम प्लेटफार्म 2/4 पर जांच कर रही थी तो एक आरोपी को बैग सहित पकड़ा गया। जब बैग की जांच की गई तो इसमें एक-103 राइफल, दो खाली मैगजीन और 40 गोलियां थीं जोकि एयरफोर्स कर्मचारी की थीं। वहीं इस मामले को लेकर रविवार को एयरफोर्स के आला अधिकारी भी जीआरपी थाने पहुंचे थे ताकि मामला दर्ज किए बिना ही राइफल और गोलियां वापिस मिल सकें।
पहले चोरी हुआ था तोप में लगने वाला सामान
जनवरी माह में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। अज्ञात आरोपी ने ट्रेन नंबर 11057 दादर एक्सप्रेस से एक फौजी का बैग चोरी कर लिया था। बैग के अंदर सेना के टैंक में लगने वाला एक यंत्र था जोकि हमले के दौरान रेंज की दूरी को निर्धारित करने में इस्तेमाल किया जाता है। चोरी की भनक लगते ही जब जीआरपी ने मुस्तैदी से जांच की तो बैग लावारिस हालात में रेलवे परिसर से मिल गया था। बैग में तोप के यंत्र के अलावा वर्दी व अन्य सामान भी सही-सलामत पाया गया था। टैंक के सामान की कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई थी।