अंबाला। ई-साक्ष्य एप के इस्तेमाल से सभी थानों की कार्रवाई सरल हो गई है। किसी भी केस में कोई भी रिकवरी होनी है तो उसकी फोटो व वीडियोग्राफी अपलोड की जाएगी। ऐसे में केस को भी मजबूती मिलेगी। ई-साक्ष्य के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए सभी थाना प्रभारियों व मुलाजिमों को जागरूक करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बाकायदा थानों में एसपी कार्यालय से भेजे गए अधिकारी एप के इस्तेमाल के साथ-साथ तमाम जानकारी दे रहे हैं ताकि इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके।
एक ट्रेनिंग छावनी के महेश नगर थाना में भी सोमवार को हुई। ट्रेनर सब इंस्पेक्टर साहब सिंह व एएसआई सोम दत्त ने थाने की पूरी टीम को जागरूक किया। इस दौरान थाने में इंस्पेक्टर अजीत सिंह, मुंशी धर्मवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर रोशन, एएसआई सुखबीर व अन्य कर्मचारी शामिल रहे। जानकारी के साथ-साथ ई-साक्ष्य एप खोलकर उसकी विस्तार से जानकारी दी।
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घटनास्थल के निरीक्षण, जब्ती अभियानों की भी वीडियोग्राफी
बीएनएसएस की धारा 105 के तहत तलाशी और जब्ती अभियानों की वीडियोग्राफी, और धारा 183 बीएनएसएस के तहत स्वीकारोक्ति और पीड़ितों के बयानों की डिजिटल रिकॉर्डिंग इत्यादि को अनिवार्य किया गया है। अनुसंधान पदाधिकारी ई-साक्ष्य एप को अपने मोबाइल फोन से डाउनलोड करेंगे। इसके माध्यम से अपराध स्थल के वीडियो और फोटोग्राफ ले सकते हैं। साथ ही जांच अधिकारी गवाहों के बयान भी रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद, सारी जानकारी सुरक्षित तरीके से एक एविडेंस लॉकर में भेज दी जाती है और चार्जशीट से इंटिग्रेट की जाती है, जो फिर इलेक्ट्रॉनिक रूप में अदालत को उपलब्ध कराई जाएगी।
ई-साक्ष्य एप द्वारा केस को मजबूत बनाने के लिए फोटो व वीडियोग्राफी की जाएगी। एप का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है।
अजीत, इंस्पेक्टर, महेश नगर प्रभारी