कुरुक्षेत्र में गुरुद्वारों की सेवा संभाल के दौरान हुए हंगामे के बाद अंबाला प्रशासन जहां अलर्ट है, वहीं एचएसजीएमसी के पदाधिकारी कैथल स्थित हैड आफिस में जुटे।
अंबाला से एडहॉक कमेटी के उपप्रधान हरपाल सिंह भी कैथल पहुंचे। इस मामले में जहां प्रशासन सतर्क है, वहीं गुरुघरों में पंजाब से आई टास्क फोर्स तैनात है। अलग गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी भी इस मामले में कोई जल्दबाजी बरतने के मूड में नहीं है।
हरियाणा में अलग गुरुद्वारा कमेटी के गठन के बाद से ही पंजाब के अकाली नेताओं की जिला के दो गुरुद्वारों में हलचल बढ़ गई है।
कैंट के पंजोखरा साहिब और सिटी के मंजी साहिब में पंजाब से आई टास्क फोर्स शिफ्टों में ड्यूटियां दे रही हैं।
सूत्रों की मानें, तो कुरुक्षेत्र में हुए हंगामे के बाद अंबाला में भी इसी तरह के हालात पैदा होने के आसार बढ़ते देख एसजीपीसी के पंजाब समर्थक स्थानीय सिखों ने भी गुरुघरों में टास्क फोर्स के सदस्यों की संख्या को बढ़ा दिया है।
माना जा रहा है कि अंबाला में भी इन गुरुद्वारों की सेवा संभाल को लेकर कभी भी टकराव हो सकता है। इसी को लेकर दोनों धड़े अपनी तैयारियां कर रहे हैं। अलग कमेटी के विरोधी जहां इसे लेकर गुरुघरों में तैनात हैं, वहीं अलग कमेटी के पक्षधर इसे लेकर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि अंबाला में दो गुरुद्वारों को लेकर सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं।
यह रहा अब तक का घटनाक्रम
अलग गुरुद्वारा कमेटी की घोषणा के बाद अंबाला में पंजाब के अकाली नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। इसी को लेकर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ व पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर अंबाला में आ चुके हैं, वहीं दिग्गज अकाली नेता गुरुद्वारों में आ चुके हैं। इतना ही नहीं एसजीपीसी समर्थकों की टास्क फोर्स तक गुरुद्वारों में तैनात है। इन अकाली नेताओं ने अंबाला में सिख समुदाय को अपने पक्ष में करने के लिए नुक्कड़ सभाएं तक की हैं।