विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में मुलाना सीट पर जीत सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिष्ठा के साथ जुड़ी हुई है।
क्योंकि ये सीट उनके खास सिपहसालार, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना की है।
इसलिए रविवार शाम को जब सीएम मुलाना विधानसभा की बराड़ा अनाजमंडी में रैली करने आए तो मुलाना हलके की सीट बचाने के लिए उनका चुनावी पैंतरा पहले से ही तैयार था।
उनके खास सिपहसालार फूलचंद मुलाना 2009 में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए ये सीट हार गए थे। दूसरा, उनके सामने पहली बार चुनाव लड़ने वाले युवा इनेलो नेता राजबीर बराड़ा थे।
उस वक्त हाईकमान तक प्रदेश कांग्रेस की खासी किरकिरी हो गई थी। लेकिन अब चुनाव से पहले रविवार रैली के दौरान सीएम इस सीट पर कांग्रेस की जीत को लेकर पूरी तरह गंभीर दिखाई दिए।
वैसे तो इस सीट पर कांग्रेसी नेता रामकुमार गगनपुर और देसराज गोला भी अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, लेकिन पूर्व मंत्री फूलचंद मुलाना खुद को और बेटे वरुण मुलाना को सीएम खेमे से दावेदारों की फेहरिस्त में आगे रखे हुए हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सीएम भी फूलचंद व उनके बेटे वरुण मुलाना की टिकट के लिए ही पूरा जोर लगाएंगे।
सीएम इसी बात का इशारा रविवार को बराड़ा में हुई जनसभा में भी कर गए।
सीएम ने यहां करोड़ों के विकास कार्यों का उद्घाटन किया, साथ ही चुनावी पैंतरा खेलते हुए मुलाना के लिए 12 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान का ऐलान भी कर गए।
यानी मुलाना में अब 12 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विकास कार्य होंगे।
सीएम जानते हैं कि इस सीट से इनेलो ने फिर से इनेलो के ही पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा को टिकट दे दिया है, इसलिए मुलाना की सीट को इस बार जीतना सीएम गुट के लिए साख का सवाल होगा।
अनुदान घोषणा में भी राजनीति
मुख्यमंत्री ने मुलाना विधानसभा के लिए 12 करोड़ के विशेष अनुदान की घोषणा तो कर दी। लेकिन इस अनुदान घोषणा में भी सीएम राजनीति कर गए।
उन्होंने मुलाना विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और बराड़ा कस्बा के लिए केवल दो करोड़ रुपये का विशेष अनुदान देने की घोषणा की।
जबकि बराड़ा कस्बा बहुत बड़ी आबादी वाला इलाका है और मुलाना विधानसभा की तहसील, रेलवे स्टेशन व अन्य सरकारी कार्यालय भी बराड़ा में ही मौजूद है।
इतना ही नहीं देश का सबसे बड़ा दशहरा भी बराड़ा में ही मनाया जाता है। इसलिए बराड़ा के समाजसेवी अजय, भजन सिंह व सुरेंद्र सिंह का कहना है कि बराड़ा कस्बे की महत्ता को देखते हुए कम से कम सीएम को अकेले बराड़ा कस्बे के विकास के लिए ही पांच करोड़ अनुदान की घोषणा करनी चाहिए थी।
सीएम हुड्डा ने हमेशा इस सीट से विकास मामलों में भेदभाव कियाः राजबीर बराड़ा
कई गांवों में सड़कें बन गईं, लेकिन जहां पिछली बार कांग्रेस हारी, उन गांवों की हालत दयनीय है। जिन गांवों में जरूरत नहीं, वहां लाखों बहाए। जहां जरूरत है वहां के लोगों की अनदेखी की गई। इस बार भी अनुदान राशि की घोषणा में यही किया गया। लेकिन मुलाना हलके की जनता बहुत समझदार है, वो सीएम के इस चुनावी पैंतरे में फंसने वाली नहीं है। मैं भी अपनी इलाके की जनता की मांगें व समस्याएं विधानसभा में उठाता रहा, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
इनेलो का चुनावी घोषणा पत्र मात्र छलावा : सीएम
सीएम ने इनेलो के चुनावी दाव पर सीधा हमला करते हुए उसके चुनावी घोषणा पत्र को छलावा करार दिया। यह भी कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र के सभी काम पूरे किए हैं।
इतना ही नहीं भाजपा को जहां पूंजीपतियों की पार्टी करार दिया, वहीं प्रदेश की जनता को आगाह भी किया कि हरियाणा में विस चुनाव के बाद केंद्र सरकार प्रतिमाह गैस सिलेंडर के दाम दस रुपये बढ़ाने जा रही है। वे रविवार को बराड़ा अनाज मंडी में आयोजित रैली में बोल रहे थे।
इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह और मुलाना में उप तहसील कार्यालय का उद्घाटन किया। इस रैली का आयोजन कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना और शिवालिक विकास बोर्ड के सदस्य वरुण चौधरी द्वारा किया गया। जनसभा की अध्यक्षता हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक तंवर ने की।
सीएम ने कहा कि इनेलो के नेताओं ने पहले भी लोगों को कर्जमाफी और बिजली बिलों के नाम पर गुमराह किया है, जबकि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2005 और 2009 के घोषणापत्र के किए गए सभी वायदों को पूरा करने के साथ-साथ घोषणा पत्र से अधिक कार्य किए हैं।
इनेलो-भाजपा की सरकार के छह वर्ष के कार्यकाल के दौरान जिला अंबाला के विकास पर सभी विभागों की राशि मिलाकर मात्र 437.16 करोड़ रुपये की राशि खर्च की थी, जबकि कांग्रेस सरकार ने अंबाला जिले के विकास पर 4194.30 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है।
इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार प्रो. वरिंद्र सिंह, पुलिस आयुक्त अजय सिंघल, उपायुक्त डा. साकेत कुमार, पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र पाल सिंह, एसडीएम अश्वनी शर्मा, पूर्व विधायक निर्मल सिंह, सुभाष चौधरी, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, लहरी सिंह, कृष्णा पंडित, कांग्रेस नेता कर्ण राणा, सुरजन सिंह केसरी, राजमोहन दुखेड़ी, सीता राम पाहवा, मेयर रमेश लाल मल, दलीप चावला बिट्टू, ब्रह्मपाल राणा, ब्लॉक समिति चेयरमैन कमलेश रानी, जेडी सिंह, चेयरमैन तेज प्रकाश सिंह, बलवंत गुप्ता, विजेंद्र गिल, मोहन लाल परोचा, हाजी अमीर हसन, प्रीतम सिंह ढकौला, नरेंद्र शर्मा, जरनैल सिंह जैली, राजेंद्र बुढियों, टीटू वधवा, डा. हरीश मुदगिल, सरपंच मुकेश राणा, संत राम दादुपुर, मुकेश गर्ग, अतुल गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
बादल भड़का रहे हैं हरियाणा के सिखों को : हुड्डा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल हरियाणा के सिखों को भड़का रहे हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रदेश की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। वे रविवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीएम पंजाब द्वारा अलग राज्य में इस तरह का हस्तक्षेप गलत है। प्रदेश के गुरुद्वारों की सेवा संभालने के सवाल पर सीएम ने कहा कि सरकार ने सिखों की मांग पर हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन कर दिया है।
अब गुरुद्वारों का प्रबंध संभालना हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत नही दी जाएगी।
कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह द्वारा कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को राजनैतिक फैसला लेने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि सरकार पर विकास में भेदभाव के आरोप लगाना सरासर गलत है और पूरे प्रदेश में एकसमान विकास किया गया है।
मुलाना क्षेत्र में मारकांडा नदी में फैक्ट्रियों द्वारा जहरीला पानी डालने की समस्या पर उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
खंड स्तरीय स्टेडियमों की उचित देखभाल के एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग को सौंपी गई है और यदि कहीं कोई खामी या सुधार की जरूरत है, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
बराड़ा ने नहीं उठाई विस में समस्याएं
सीएम ने कहा कि क्षेत्र के इनेलो विधायक राजबीर सिंह बराड़ा ने कभी मुलाना विस की समस्याओं को विधानसभा में नहीं उठाया। ऐसे में इन समस्याओं को कैसे हल किया जा सकता था। जनता ने इनेलो से मुलाना विधायक राजबीर सिंह बराड़ा को विधानसभा में भेजा है, लेकिन उन्होंने कभी जनता के हित की आवाज तो दूर की बात कस्बा में विकास की आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि ऐसा हो कभी हो ही नहीं सकता कि वह विकास करवाने की बात करें, सीएम हुड्डा न करें।