अंबाला। जिलाभर में आधार कार्ड बनाने वाली आठ आईडी अचानक बंद होने के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। अब महज चार आईडी ही काम कर रही है। इसी कारण अंबाला सेंट्रल जेल के करीब 400 कैदियों और बंदियों के आधार कार्ड बनाने का काम भी अटक गया है। जो डीआईटीएस की किट यानी डीसी कार्यालय की तरफ से आधार की आईडी सेंट्रल जेल में जाती थी वो भी बंद हो गई है।
ऐसे में पिछले सप्ताह लगने वाले आधार कार्ड बनाने के कैंप को भी रद्द करना पड़ा था। जेल में करीब 350 बंदियों व 50 कैदियों के यह आधार कार्ड बनने थे। हालांकि समय-समय पर नए बंदियों के आधार कार्ड बनाने के लिए कैंप लगाया जाता है। अब आईडी चलने का इंतजार है ताकि जल्द से जल्द बंदियों के आधार कार्ड को अपडेट कर बनाया जा सके। दरअसल, कोर्ट में सुनवाई के लिए भी बंदियों व कैदियों के आधार कार्ड अपडेट होने जरूरी होते हैं। दरअसल, कई बंदियों व कैदियों का पुराने पतों पर ही आधार कार्ड चलता आ रहा है। जो कई बार परेशानी का कारण भी बनता है।
दस्तावेज पूरे नहीं होने पर आईडी बंद का तर्क
अचानक से आधार कार्ड की आईडी बंद होने का कारण संचालकों को दस्तावेज पूरे न होना बताया जा रहा है। जबकि इस सभी आठ आईडी के संचालकों का कहना है कि वह सालों से आधार कार्ड की आईडी चला रहे हैं। उनके सभी दस्तावेज पूरे हैं। उन्हें सही कारणों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ऐसे में आम जनता प्रभावित हो रही है। दरअसल, अंबाला में आधार कार्ड बनाने का जिम्मा शिवम एसोसिएटस ग्रुप को आठ साल से मिला हुआ है। अंबाला कैंट में छावनी नागरिक अस्पताल, एसडीएम कार्यालय व अंबाला शहर में एसडीएम कार्यालय, नागरिक अस्पताल, नगर निगम कार्यालय और बराड़ा में एसडीएम कार्यालय, नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में यूआईडीएआई द्वारा ऑपरेटरों की आधार आईडी बंद की गई हैं। ऐसे में केवल 4 आईडी पर काम चल रहा है।
वर्जन
अंबाला की करीब आठ आधार कार्ड आईडी बंद होने के कारण काफी काम प्रभावित हो रहा है। डीआईटीएस की किट जो सेंट्रल जेल में आधार कार्ड बनवाने के लिए जाती है वो भी बंद हो गई है। यह मामला जेल प्रशासन सहित अन्य आलाधिकारियों के संज्ञान में डाल दिया गया है। जैसे ही आईडी चलती है तो इसे प्राथमिकता पर रखकर बनवाया जाएगा।
रितेश, जिला समन्वयक, शिवम एसोसिएशन ग्रुप।
वर्जन
समय-समय पर आधार कार्ड बनाने के लिए कैंप लगता है। आधार कार्ड की आईडी बंद होने के कारण इस बार कैंप नहीं लगा है। जल्द ही दूसरी आईडी के जरिये बंदियों और कैदियों के कुछ बचे आधार कार्ड बनवा दिए जाएंगे। लगभग 90 प्रतिशत कैदियों और बंदियों के आधार कार्ड पहले ही अपडेट है।
सतविंद्र, पुलिस अधीक्षक, सेंट्रल जेल अंबाला