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Ambala News: प्रदेश स्तर पर ईनाम जीतने वाला स्कूल बंद होने के कगार पर

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राजकीय स्कूल झाड़ूमाजरा। संवाद
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पूर्ण सिंह
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बराड़ा। विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश और जिला स्तर पर कई ईनाम जीतने वाला स्कूल अब बंद होने के कगार पर है।
स्कूल का स्टाफ अपने स्तर पर पुरजोर कोशिश कर रहा है, लेकिन फिर भी स्टाफ की कमी बच्चों के दाखिले घटा रही है। दरअसल बराड़ा उपमंडल के गांव झाडूमाजरा स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की। जहां मुख्य अध्यापक प्रदीप कुमार ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर इस स्कूल को न केवल जिला स्तर पर चमकाया, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी स्कूल का नाम रोशन किया। सब कुछ करने के बावजूद लगातार नामांकन घटता जा रहा है। इसका प्रमुख कारण स्टॉफ की कमी है।
वर्ष 2018 में खराब हालत में था स्कूल
मुख्य अध्यापक प्रदीप कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2018 में इस स्कूल में आए थे, उस समय यहां झाड़ियों थीं। इन्हें उन्होंने गांव के सरपंच के साथ मिलकर साफ कराया। स्कूल की चहारदीवारी कराकर गेट लगाया। इसके बाद लगातार स्कूल में पेड़-पौधे लगाकर हरा-भरा और सुंदर बनाया। इसके अलावा वह हर वर्ष अपने जन्मदिन पर स्कूल प्रांगण में 100 पौधे लगाते हैं।
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यह है स्टाफ की स्थिति

स्कूल में प्राइमरी विंग में 35 बच्चे हैं, जिन पर एकमात्र टीचर कविता हैं। जबकि यहां एक अन्य टीचर की जरूरत है। इसके अलावा मिडल में 38 बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें सोशल साइंस टीचर रवि कोंडल, पीटीआई कमलेश और मुख्य अध्यापक प्रदीप कुमार जो अन्य विषयों की पढ़ाई कराते हैं। जबकि स्कूल में सांइस, गणित, संस्कृत और कला शिक्षक का पद कई वर्षों से खाली पड़ा है। प्रदीप कुमार ने बताया कि वह ग्रामीणों को हर वर्ष इसी आस पर बच्चे को स्कूल में पढ़ाई के लिए बाध्य करते थे कि जल्द ही यहां टीचर आ जाएंगे, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद यहां खाली पदों पर टीचर तैनात नहीं हुए। इसके लिए वह कई बार विभाग से भी मांग कर चुके हैं।
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वर्जन

जिले के 200 राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी हैं। यहां एक ही शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। शिक्षकों की कमी के बारे में निदेशालय को भी लिखा गया है। इस स्कूल में भी शिक्षकों की कमी को लेकर सोमवार को पता किया जाएगा।


सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
स्कूल को ये मिला सम्मान

2017-18 में मुख्यमंत्री सुंदरीकरण प्रतियोगिता में जिले में प्रथम
2018-19 में शिक्षा विभाग के सक्षम योजना में हरियाणा में प्रथम, हिंदी में बचे ने टॉप किया था हरियाणा में
2019-20 में कोविड के दौरान भारत सरकार के स्वच्छता कार्यक्रम में जिले में प्रथम
2020-21 में मुख्यमंत्री सौंदर्य योजना में खंड स्तर पर प्रथम
2024-25 में किचन गार्डन में सराहनीय (एपरिसिसन) अवार्ड प्राप्त किया सुंदरीकरण में फिर आवेदन करेंगे।
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