अंबाला सिटी। अधिक समय तक फोन व वाहनों की रोशनी के संपर्क में आने के कारण मिर्गी के दौरे की संभावना अधिक हो जाती है। आए दिन सिटी नागरिक अस्पताल में 40 से 50 मरीज इसी परेशानी से संबंधित आ रहे हैं।
अधिकतर युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। डॉ. राजेंद्र रॉय ने बताया कि मिर्गी का दौरा आने के दो दिनों के भीतर ही मरीज की ईईजी जांच करवा लेनी चाहिए। इससे समय रहते दिमाग में होने वाली परेशानी का पता चल सके।
शुरूआत में मरीज को सिर में दर्द और नींद न आने की समस्या होती है। जिससे मिर्गी का दौरा आ सकता है। समय पर उपचार न करवाने पर आगे चलकर यह बीमारी अन्य मानसिक बीमारियों का रूप ले लेती है। वाहनों में आज कल सफेद लाइटों के कारण यह समस्या अधिक हो रही है। इसके साथ ही अंधेरे में मोबाइल फोन चलाने से भी समस्या अधिक बढ़ती है।
नींद पूरी लेना भी जरूरी
मानसिक रोग चिकित्सक डॉ. राजेंद्र राय ने बताया कि जो लोग रात के समय अंंधेरे में अधिक समय तक फोन चलाते हैं। उनकी नींद लेने की प्रक्रिया बुरी तरह से प्रभावित होती है। फोन की लगातार बदलती हुई रोशनी से दिमाग में न्यूरोन की गतिविधियां तेज हो जाती है। इससे दिमाग सही तरीके से काम करने में अक्षम हो जाता है। इससे सिर में दर्द और लंबे समय तक नींद नहीं आती है। इससे मिर्गी के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय पर नींद पूरी कर लेनी चाहिए।
आंखों पर भी पड़ता है असर
अधिक देर तक रोशनी के संपर्क में रहने के कारण आंखों में आंसू बनना बंद हो जाते हैं। इससे आंखें सूख जाती है। ऐसी स्थिति में आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा बन जाता है।
अधिक समय तक सफेद व मोबाइल की रोशनी में नहीं रहना चाहिए। समय पर ही नींद पूरी कर लेनी चाहिए। मिर्गी का दौरा पड़ने पर मरीज की दो दिन के भीतर ही ईईजी करवा लेनी चाहिए।
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डॉ. राजेंद्र राय, मानसिक रोग चिकित्सक