दिव्या ज्योति जागृति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। आश्
नारायणगढ़। दिव्या ज्योति जागृति संस्थान हुसैनी रोड स्थित आश्रम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें कुरुक्षेत्र आश्रम से आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी गुरु ज्ञानानंद भाई ने श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कहा कि जीव के दुख का कारण उसका अपना स्वभाव है। स्वभाव को सुधारना बड़ा कठिन काम है, परमात्मा के ध्यान से और जप करने से स्वभाव सुधरता है।
उन्होंने कहा कि भगवान ने चंद लोगों का उद्धार किया लेकिन उसके नाम ने तो असंख्य लोगों को भव से पार उतार दिया। उन्होंने कहा कि जीव को जो भी मिला है, वह उसी भगवान का दिया हुआ है। भजन की कमाई न केवल लोक में सुख पहुंचाने वाली होती है, बल्कि परलोक को भी अपना बना देती है। उन्होंने कहा कि नाम, सत्संग व भजन रूपी पुण्य की कमाई जीवन को सांसारिक बंधनों से मुक्त करती है।