पेंशन कटने पर व्यक्ति ने पार्षद मिथुन वर्मा से जीवित होने का मांगा प्रमाण-पत्र।
अंबाला सिटी। एक बुजुर्ग को मृत घोषित करने के बाद उसकी बुढ़ापा पेंशन काट दी। अब वह व्यक्ति खुद को जिंदा साबित करने के लिए धक्के खा रहा है।
यही नहीं जब व्यक्ति खुद का जीवित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पार्षद के पास पहुंचा तो वह भी हक्के-बक्के रह गए। बांस बाजार निवासी तिलक राज शर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी का बीते 17 मार्च को देहांत हो गया था। उनके परिवार पहचान पत्र में वह और उनका बेटा भी है। जब वह पेंशन लेने के लिए गए तो उनको पता चला कि उनकी पेंशन कट गई है। जब उन्होंने इसका कारण जाना तो पता चला कि उनको मृत घोषित करने के कारण उनकी बुढ़ापा पेंशन कट गई है।
उन्होंने बताया कि उन्हें फरवरी की मार्च में मिलने वाले पेंशन नहीं मिली है। अब वह खुद को जीवित साबित करने के लिए कभी पेंशन कार्यालय तो कभी पुलिस चौकी में चक्कर काट रहे हैं। व्यक्ति ने अपने इलाका पार्षद मिथुन वर्मा से भी जीवित प्रमाण-पत्र बनाया है ताकि वह साबित कर सकें कि वह जिंदा है। तिलक राज शर्मा ने बताया कि वह अपने जिंदा होने के दस्तावेज पूरे कर रहे हैं। उनके कागजों के सत्यापन के बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू होगी।
जारी किया जीवित होने का प्रमाणपत्र : पार्षद
वार्ड-10 पार्षद अधिवक्ता मिथुन वर्मा ने बताया कि बांस बाजार निवासी तिलक राज शर्मा का एक पत्र उनको प्राप्त हुआ था। इसमें तिलक राज ने उनसे जीवित होने का प्रमाण पत्र मांगा। पत्र के माध्यम से बताया कि अंबाला पेंशन कार्यालय ने प्रार्थी की पेंशन यह कहकर काट दी कि तिलक राम शर्मा को मृत घोषित किया जा चुका है। मिथुन वर्मा ने बताया कि जब यह मामला उनके संज्ञान में आया तो उन्होंने तिलक राज को उनके जीवित होने का प्रमाण पत्र जारी किया।
वर्जन
उनके कार्यालय की ओर से बिना किसी कारण के पेंशन नहीं काटी जाती है। मृत्यु प्रमाण-पत्र सहित अन्य कई दस्तावेज लेकर ही पेंशन काटी जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति की किसी स्तर पर हुई गलती के कारण पेंशन कट गई है तो उसको दोबारा से शुरू करवाया जाएगा।
सुरजीत कौर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अंबाला।