अंबाला। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नगर परिषद अब बेसहारा गोवंश को सहारा देने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए नगर परिषद अपनी गोशाला का निर्माण करेगा। नगर परिषद के अधीन सरसेहड़ी गांव की पांच एकड़ जमीन का गोशाला के लिए निर्धारण किया गया है। इस जमीन पर गोशाला के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंताओं को सौंपी गई है जोकि आगामी कुछ दिनों में इस योजना का स्वरूप और खर्च होने वाली राशि का प्रस्ताव नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के समक्ष पेश करेंगे।
सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान
नगर परिषद की ओर से निर्मित की जाने वाली गोशाला में गोवंश की प्रत्येक जरूरत का ध्यान रखा जाएगा। यहां हरे चारे के अलावा पीने के पानी की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा गोवंश की साफ-सफाई का भी विशेष प्रबंध किया जाएगा, इसके अलावा गोवंश के उपचार के लिए भी पशु विशेषज्ञ की मदद ली जाएगी ताकि गोशाला में आने वाले पशुओं की अच्छी तरह से देखभाल हो सके, वहीं सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे और कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी।
पशु पालकों से वसूला जाएगा जुर्माना
नगर परिषद ने गली-मोहल्लों व चौराहों पर घूमने वाले दुधारू पशुओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है, ये वह पशु हैं, जिन्हें दोहने के बाद लोग सड़कों पर छोड़ देते हैं। इन पशुओं से हादसे होने का डर बना रहता है, वहीं जहां-तहां गोबर करके भी गोवंश गंदगी फैलाते हैं। इससे छावनी की स्वच्छता पर भी धब्बा लगता है।
गोशाला के निर्माण के लिए पहले गाड़ा-बाड़ा गांव में जमीन देखी गई थी, लेकिन यहां का प्रस्ताव तैयार नहीं हो पाया। अब सरसेहड़ी गांव के पास लगभग पांच एकड़ जगह पर गोशाला के निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि छावनी में घूम रहे बेसहारा गोवंश को गोशाला में रखा जा सके।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला।