अंबाला सिटी। एक बंदर कुत्ते के पिल्ले को उठाकर पेड़ों पर घूमता रहा। बंदर ने बच्चे को सीने से लगाया और करीब 6 घंटे तक नहीं छोड़ा। यह देखकर पिल्ले की मां कुतिया जमीन पर खड़ी रोती रही और इधर-उधर चक्कर काटती रही। घटना शहर की पुरानी अनाज मंडी की है।
सूचना मिलते ही वंदे मातरम् दल की टीम भरत सिंह के नेतृत्व में पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते के पिल्ले को रेस्क्यू किया गया। वंदे मातरम् दल के संस्थापक सदस्य भरत सिंह ने बताया कि उनको बीते सोमवार को फोन आया था कि एक बंदर कुतिया के पिल्ले को उठाकर ले गया है। वह बंदर उसे सीने से लगाकर पेड़ों की डाल पर घूम रहा है। टीम सूचना मिलते ही रात करीब 9 बजे पहुंची। इससे पहले कई लोग बच्चे को बंदर से छुड़वाने का प्रयास कर चुके थे, लेकिन बंदर ने बच्चा नहीं छोड़ा। टीम ने देखा कि बंदर बच्चे को लेकर पेड़ों पर घूम रहा है और साथ ही लगती टंकी पर भी चढ़ रहा है।
वहीं पिल्ले की मां कुतिया नीचे रोती रही। तभी टीम ने पेड़ के चारों तरफ जाल बनाकर बांधा ताकि पिल्ला नीचे गिरे तो जाल में फंस जाए। बंदर को खाने-पीने की चीजों का लालच देकर उसका ध्यान भटकाया गया। काफी मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे बंदर ने पिल्ले को छोड़ दिया और पिल्ले को टीम के सदस्य सौरभ ने कैच कर लिया। इस अभियान में भरत, हिमांशु, सौरभ, मशीन, भरत, गुरजीत व आकाश ने सेवा की।