संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एक सप्ताह से जारी शीत लहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड और बर्फीली हवाओं के कारण पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
आलम यह है कि पांच दिनों से आसमान में बादल और कोहरे का डेरा है, जिससे सूर्य के दर्शन नहीं हुए हैं। धूप न निकलने के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिले में रविवार सुबह पाला नजर आया।
अधिकतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शीतलहर चली।
घरों में दुबके लोग : तापमान में आई भारी गिरावट के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजार भी देरी से खुल रहे हैं, ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर है, जहां लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
बच्चे, बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित : चिकित्सकों के अनुसार, इस समय चल रही शीतलहर बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो रही है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, सांस लेने में तकलीफ और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
अंबाला छावनी बस अड्डे पर बच्चे को ठंड से बचाने की कोशिश करती महिला। संवाद