अंबाला। डेढ़ साल से अटके बैंक स्क्वेयर के काम को अब दोबारा गति मिलेगी। मुख्यालय भेजी गई फाइल पर मुख्यमंत्री की मोहर लग गई है। अब यह कार्य 36 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन (एचपीएचसी) ने निर्माण कार्य को लेकर निविदा भी जारी कर दी गई है जोकि जांलधर की सृष्टि कंपनी को जारी हुई है।
वहीं कंपनी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वो 18 माह के अंदर बैंक स्कवेयर को काम को पूरा करेगी ताकि लोगों को इस परियोजना का फायदा मिल सके। अधिकारियों से प्राप्त जानकारी अनुसार कार्य की निगरानी के लिए टीम का गठन भी कर दिया गया है जो लगातार कार्य की समीक्षा करेगी और कोशिश करेगी कि तय समय से पहले ही बैंक की इमारत को तैयार कर दिया जाए।
पहले 60 करोड़ के ऋण की चली थी फाइल
बैंक स्कवेयर के अधूरे निर्माण को लेकर पहले जो खाका तैयार किया गया था, उसके तहत 60 करोड़ की राशि का निर्धारण किया गया था और इस राशि को लोन के तहत हरियाणा फाइनेंशियल काॅरपोरेशन (एचपीएचसी) से लेने का फैसला किया गया। इसकी फाइल मुख्यालय भेजी गई और फिर इसमें कुछ बदलाव के निर्देश दिए गए ताकि राशि कम हो सके।
तीन साल पहले शुरु हुआ था काम
बैंक स्क्वेयर के निर्माण का कार्य एक मई 2020 को एचपीएचसी ने शुरू किया था। अंबाला-साहा नेशनल हाईवे 444-ए पर गांधी मैदान के नजदीक लगभग तीन एकड़ में आठ मंजिला बैंक स्क्वेयर का निर्माण होना है। फंड की कमी के चलते बैंक स्क्वेयर का निर्माण कार्य 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया था। इस पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
एक छत के नीचे होंगे 34 बैंक
जगाधरी रोड पर बनने वाले बैंक स्क्वेयर में सदर और अन्य क्षेत्रों के 34 बैंक शिफ्ट होंगे। बैंक स्क्वेयर की मुख्य इमारत चार मंजिला होगी। साथ ही नौ मंजिला वाणिज्यिक टावर बनाया जाएगा जोकि कैंट में सबसे ऊंचा होगा। लोगों के आवागमन के लिए यहां पार्किंग की उचित व्यवस्था होगी। इमारत में बैंकों के साथ कॉरपोरेट ऑफिस व 80 शोरूम होंगे। यहां 300 सीटों का ऑडिटोरियम, फूड कोर्ट, कॉफी हाउस व हेलीपैड की व्यवस्था होगी।
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बैंक स्क्वेयर के निर्माण को लेकर मुख्यालय से अनुमति मिल गई है। अब यह इमारत 36 करोड़ की लागत से पूरी की जाएगी। इसका टेंडर अलॅाट कर दिया है। कंपनी जल्द ही काम शुरु कर देगी। इसे 18 माह से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्य की निगरानी के लिए भी टीम तैनात रहेगी।
कुलदीप सैनी, एसडीई एचएसपीवी।
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