अंबाला। डिजिटल अरेस्ट के तार कंबोडिया देश से जुड़े हुए है। साइबर ठग वहीं पर बैठे-बैठे लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर लाखों-करोड़ों रुपये ठगते हैं। बाद में वे इस पैसे को अपने खाते से भारत के अलग -अलग गिरोह के सदस्यों को भेजकर अमेरिकी डॉलर क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) में बदलवाकर अपने पास मंगवाते हैं। बदले में पैसों को यूएसडीटी में बदलवाने वाले गिरोह को कमीशन मिलती थी। इस गिरोह का खुलासा अंबाला साइबर थाने की टीम ने किया है। इस मामले की जानकारी उप-पुलिस अधीक्षक रजत गुलिया ने प्रेसवार्ता कर दी।
उन्होंने बताया कि अंबाला कैंट के पालम विहार निवासी बैंक से रिटायर्ड कर्मचारी रामलुभाया व उनकी पत्नी को एक सप्ताह तक डिजिटल अरेस्ट कर 2.80 करोड़ ठगने के मामले में मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान बिहार के बलवा गांव निवासी बबलू कुमार, मध्यप्रदेश के अमलाई कालरी निवासी श्रवण कुमार व लाहासुई कैंप निवासी राजीव सिंह के रूप में हुई है। इससे पहले चार सदस्यों को पकड़कर जेल भेजा था। अभी तक कुल सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। इन आरोपियों से रिमांड में दौरान एक के बाद एक परतें खुलती चली गई। अब सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। संवाद
-
यूएसडीटी बदलवाने से पहले पकड़ा गया बबलू, इसलिए 24 लाख रुपये हुए बरामद
डिजिटल अरेस्ट मामले की जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी की कॉल डिटेल खंगाली तो कंबोडिया से तार जुड़ने की बात सामने आई। बैंक खातों के जरिये मामले के तार यूपी व बिहार से जुड़े। इस मामले में टीम ने अब तक बबलू सहित सात आरोपियों को काबू किया है। जांच के दौरान गया कि कंबोडिया से करीब 30 लाख रुपये की राशि को बबलू के खाते में डलवाया गया था। बाद में बबलू इस पैसे को यूएसडीटी में बदलकर भेजता था। आरोपियों ने अभी तक इन पैसे को यूएसडीटी में कंवर्ट नहीं करवाया था इसलिए साइबर थाना पुलिस 21 लाख 10 हजार रुपये, लैपटाॅप, सैंसर डिवाईस, स्कैनर, आई स्कैनर मशीन, स्वाइप मशीन, बायोमेट्रिक मशीन, बैंक किट व मोबाइल बरामद कर पाई। बाकी की करीब 1 लाख 90 हजार रुपये की राशि को दूसरे साथियों में बांट दिया था। इस तरह पुलिस ने अभी तक कुल 24 लाख रुपये बरामद किए है।
लोगों को लालच देकर तैयार की गई 24 आईडी, देशभर में उनपर 274 शिकायतें
साइबर थाना पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि बबलू के जो अन्य साथी राजीव व श्रवण फर्जी खाते और आईडी तैयार करवाते थे। पेमेंट बैंक का कर्मचारी राजीव अपने बिहार के इलाके में जाकर लोगों को अलग-अलग योजनाओं के तहत पैसे दिलवाने की बात बोलकर खाते खुलवाता था। बदले में 500 रुपये से 1 हजार रुपये देता था। इसलिए तरह से आरोपी ने कुल 24 आईडी बना रखी थी। टीम ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो उनके खिलाफ देशभर में 274 शिकायतें मिली। यह सभी शिकायतें साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी थी।
बबलू महज एक गिरोह का सरगना, इस तरह के 54 गिरोह के खाते में डाले गए पैसे
कंबोडिया से इन पैसों को अलग-अलग 54 गिरोह के खातों में डाला गया था। बबलू के पास केवल 30 लाख रुपये आए थे। इस तरह से बुजुर्ग दंपती द्वारा ठगे गए 2.80 करोड़ की राशि को अन्य 54 अलग-अलग खातों में डाला गया है। जो विदेश में बैठे आरोपियों को अमेरिकी डॉलर क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) में राशि लौटाएंगे। साइबर थाना पुलिस अब उन गिरोह तक भी पहुंचने की तैयारी में जुट गई है।
-