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Ambala News: आत्मदाह के लिए निकलीं माजरा की पूर्व सरपंच को लिया हिरासत में

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अंबाला। ग्राम पंचायत की जमीन से कब्जा छुड़वाने की मांग न सुने जाने पर बुधवार को सुबह करीब 12 बजे त्रिवेणी चौक पर आत्मदाह करने निकलीं शहजादपुर के गांव माजरा की पूर्व सरपंच नेहा शर्मा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है । इस दौरान उनके साथ कुछ ग्रामीण भी थे। पुलिस ने पहले तो सरपंच को समझाया। वह नहीं मानीं तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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इससे पहले पूर्व सरपंच के आत्मदाह के लिए त्रिवेणी चौक पर पहले से ही लकड़ियों की चिता सजा दी गई थी। इसके बाद शहजादपुर पुलिस ने पूर्व सरपंच को एसडीएम कोर्ट में पेश किया मगर राजपत्रित अधिकारी लाने की शर्त रखने के कारण उन्हें जमानत नहीं मिली। उनके ससुर पूर्व सरपंच सतीश शर्मा ने बताया कि नेहा पुलिस हिरासत में भी अनशन पर रहीं। इसके बाद एसडीएम कोर्ट ने उन्हें शाम साढ़े छह बजे मुचलका भरने पर जमानत दे दी। अब पूर्व सरपंच वीरवार सुबह सरकार को अपने आंदोलन की रणनीति बताएंगी। सतीश शर्मा ने चेतावनी दी कि हो सकता है हम फिर से आत्मदाह करने का प्रयास करें।

पूर्व सरपंच नेहा शर्मा अपने परिजनों व गांव के कुछ लोगों के साथ सुबह 11 बजे अपने घर से त्रिवेणी चौक आत्मदाह के लिए निकलीं थी। वह प्रशासन का विरोध कर रहीं थी। इस दौरान पुलिस कर्मियों से भरी बस मौके पर पहुंच गई। इनमें महिला पुलिस कर्मी भी थीं। जब पूर्व सरपंच त्रिवेणी चौक पर एक दुकान के पास लोगों काे संबाेधित कर रहीं थी तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की लेकिन सामने आकर कुछ लोगों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान उनमें हल्की धक्का मुक्की भी हुई। इस दौरान लोगों ने नेहा शर्मा को एक दुकान में धकेल दिया और शटर बंद करने लगे। एक पुलिस अधिकारी ने शटर बंद होने से रुकवाया। इसके बाद महिला पुलिस ने पूर्व सरपंच को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें नारायणगढ़ थाने ले गई, यहां से एसडीएम कोर्ट में भेज दिया गया।
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जमानत में अटका राजपत्रित अधिकारी का पेंच

पूर्व सरपंच सतीश शर्मा का आरोप है कि सामान्य तौर पर 50 हजार रुपये का मुचलका भरकर जमानत हो जानी चाहिए थी पर प्रशासन ने जानबूझकर राजपत्रित अधिकारी खोजकर लाने की शर्त लगाकर उनके रास्ते में अड़चन पैदा की है। नेहा शर्मा एसडीएम की अदालत में दोपहर से देर शाम तक बैठी रहीं पर उन्हें जमानत नहीं दी गई। सतीश शर्मा ने बताया कि उन्होंने मौके पर अधिवक्ताओं को भी मदद कि लिए बुलाया मगर फिर भी कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने प्रशासन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

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सुबह भी समझाने पहुंची थी पुलिस, नहीं किया नजरबंद

शहजादपुर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि हमने एक दिन पहले भी पूर्व सरपंच नेहा शर्मा को समझाया था। उन्हें घर जाकर नोटिस दिया गया था। इसके साथ ही उन्हें आगाह किया गया था। इसके बाद भी वह नहीं मानीं। फिर बुधवार सुबह भी पुलिस माजरा गांव में गई और उन्हें आत्मदाह जैसा कदम न उठाने को कहा। हमने उन्हें नजरबंद नहीं किया बस समझाया था।

क्या है पूरा प्रकरण

ग्राम पंचायत माजरा में कथित रूप से अवैध रूप से काबिज दो खोखों को हटवाने के लिए नेहा शर्मा ने मोर्चा खोला था। प्रशासन जब खोखों को हटाने आया तो खोखा मालिकों ने कोर्ट में मामला लंबित बता दिया। इसके बाद प्रशासन लौट गया। इससे खफा होकर पूर्व सरपंच नेहा शर्मा ने 2 जुलाई तक का अल्टीमेटम देते हुए आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को प्रशासन ने एक्शन लेते हुए नेहा शर्मा को सरपंच पद से निलंबित करने की कार्रवाई की दी थी।
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