अंबाला सिटी। महिलाओं में बढ़ती कमजोरी और गर्भावस्था के दौरान जोखिम के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर से एनिमिया जांच अभियान चलाने जा रहा है। यह अभियान अगले सप्ताह से 10 मार्च तक चलेगा।
इस दौरान विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की खून जांच कराई जाएगी। इनमें सबसे अधिक जांच गर्भवतियों की होगी। अभियान के लिए विभाग की ओर स्वास्थ्य कर्मियाें को प्रशिक्षण भी दिया है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों और नागरिक अस्पतालाें में मरीजों का एचबी जांचा जाएगा। जिनमें कमी मिलेगी उन्हें दवा दी जाएगी।
एनिमिया सबसे बड़ी समस्या
एनिमिया गर्भावस्था के जोखिम का सबसे बड़ा कारण है। खून की कमी के कारण कुपोषित माता को प्रसव में परेशानी होती है। ऐसे में कई बार माता की मौत भी हो जाती है। इसलिए गर्भवतियों की जांच करना और भी जरूरी हो जाता है। जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान एनिमिया होता है उन्हें दवा देकर या फिर भी गंभीर हालात में टीका लगाकर एचबी की मात्रा बढ़ाई जाती है। जिससे उन्हें प्रसव में परेशानी कम हो।
इन वर्गों में होगी जांच
छह माह से 59 माह, पांच वर्ष से 9 वर्ष, 10 वर्ष से 19 वर्ष, 20 वर्ष से 49 वर्ष, गर्भवती महिलाएं, श्रमिक व अन्य इसके साथ- साथ एएनएम और आशाएं की भी जांच होगी। जांच के बाद रिपोर्ट में से अधिक गंभीर मरीजों की सूची बनाकर भेजी जाएगी। इसके बाद उन मरीजों का उपचार शुरू किया जाएगा।
वर्जन
एनिमिया अभियान 10 मार्च तक चलाया जाएगा। जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों की जांच होगी। इस अभियान में सबसे अधिक कुपोषित और गर्भवतियों पर विशेष नजर रहेगी।
-डॉ. नीलम कुश्वाह, डिप्टी सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।