अंबाला। अटल कैंसर टर्सरी केयर सेंटर के उद्घाटन को लेकर जिला प्रशासन ने पहले ही रूट डायवर्ट कर दिए थे। इस कारण जो लोग इससे अंजान थे उनके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। ऐसा ही नजारा छावनी नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में देखने को मिला। दौरा पड़ने के बाद बेटी को लेकर अस्पताल पहुंची नरगिस का कहना था कि तबीयत खराब होने के बाद वे रास्ते बंद होने के कारण इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गए। किसी ने भी इमरजेंसी समझते हुए उन्हें बंद रास्तों से जाने नहीं दिया। उनका कहना था कि ऐसे में बेटी की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। गनीमत यह रही कि सही समय पर वह अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग में पहुंच पाई और डॉक्टरों ने बेटी को प्राथमिक उपचार दिया।
वहीं, ऑटो के साथ-साथ अधिकतर रास्ते बंद मिलने पर लोग इधर-उधर भटकते रहे। लखनऊ से ट्रेन के जरिए अंबाला पहुंचा छावनी के कबीर नगर निवासी चेतन कुमार का परिवार रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर गांधी मैदान तक पहुंचा। उनका कहना था कि ऑटो में 20 रुपये प्रति सवारी किराया है। बंद रास्तों की बात बोलकर ऑटो चालक अत्यधिक पैसे मांग रहा था तो पैदल ही चल पड़े। बाद में गांधी मार्केट से वह ऑटो में सवार हुए।
दूसरी ओर, कार्यक्रम को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने पहले ही इमरजेंसी ब्लॉक को विकल्प के तौर पर सीटी स्कैन रूम के बाहर बना दिया था। प्रवेश करने के लिए पार्किंग वाले नए गेट पर प्रवेश द्वार था। गंभीर मरीजों को ही पुरानी इमरजेंसी में भेजा जा रहा था।
अस्पताल स्टाफ के वाहन इधर से उधर हुए तो बढ़ी परेेशानी
नागरिक अस्पताल के बाहर स्टाफ पार्किंग के लिए सुबह के समय व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ तो दोपहिया वाहनों को पुलिस ने उठाकर एक से दूसरी जगह कर दिया। यहीं कारण रहा कि वाहन अपनी जगह न देखकर स्टाफ परेशान हो गया। बाद में उन्हें दूसरी जगह अपने दोपहिया वाहन मिले।