संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। टांगरी नदी में बुधवार रात 10 बजे आए रिकॉर्ड 43 हजार क्यूसेक यानी 14 फीट पानी ने जमकर कहर बरपाया। रात दो बजे शाहपुर से कोटकछुआ गांव का नदी को लगने वाला बांध टूट गया। पानी ने शाहपुर, कोटकछुआ, भानोखेड़ी, ठरवा माजरी, धुराली, मिर्जापुर आदि दर्जनभर गांवों में मार की। किसानों के धान वाले खेत जलमग्न हो गए। 11 घंटे बाद भी यह बांध पक्का नहीं हुआ तो शाहपुर के ग्रामीणों ने रोष जताया। किसानों का कहना था कि पहले उनके गांव में कभी ऐसे हालात नहीं बने। अबकी बार बांध के पास से रिंग रोड बनने के कारण टांगरी नदी के पुल की चौड़ाई कम हो गई। ऐसे में पानी कम निकलने के कारण बांध पर मार की और वह टूट गया। वीरवार को भी दिनभर बांध को पक्का करने का काम चलता रहा। लेकिन टूटा हुआ टुकड़ा 20 फीट चौड़ा होने के कारण काफी समय लगा।
शाहपुर में बढ़ने लगा जलस्तर तो हरकत में आया प्रशासन, तोड़ी गांव की मुख्य सड़क
टांगरी नदी का बांध टूटने के बाद तेजी से शाहपुर गावं की तरफ पानी मार कर रहा था। पानी के फैलाव में शाहपुर व कोट कछुआ गांव की मुख्य रोड रोड़ा थी। ऐसे में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन को सूचना मिलने के बाद वह हरकत में आया। पुलिस व ग्रामीणों की मौजूदगी में जेसीबी से दोनों गांव की मुख्य सड़क को तोड़कर भानोखेड़ी, ठरवा माजरी, धुराली आदि गांवों की तरफ नदी के पानी का रुख किया, वहीं किसान यूनियन के नेता रक्षक बनकर किसानों के संग बांध बनाने के लिए उतरे। घंटों पानी में रहकर करते रहे बांध को दुरुस्त करने का प्रयास करते रहे।
मच्छौंडा के खेतों में हुए जलभराव के बीच एक मकान में फंसे परिवार के पांच सदस्यों को रेस्क्यू कर
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