मुलाना। मूसलाधार बारिश ने मुलाना क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। लगातार बरसात और नदियों के उफान के चलते गांवों से लेकर मुख्य सड़कों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। मारकंडा नदी वीरवार को भी उफान पर रही। वीरवार शाम को मारकंडा नदी का जलस्तर 8.4 फीट 37242 क्यूसेक रिकार्ड किया गया। 14 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में हैं। नेशनल हाईवे से लेकर कॉलोनियों और गलियों तक पानी भर गया है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। हमीदपुर गांव मोड़ और दोसड़का के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 344 (अंबाला यमुनानगर) पूरी तरह पानी में डूब गया। वाहनों की आवाजाही मशक्कत से हो रही है। कालपी फ्लाईओवर के आगे हाईवे की एक साइड को बंद करना पड़ा, जबकि दूसरी ओर एक ही लेन से गाड़ियां रेंग-रेंगकर निकलती रहीं।
दोसड़का में अत्यधिक जलभराव
दोसड़का बाजार और आसपास की कॉलोनियां पानी में डूब चुकी हैं। घरों में पानी घुस गया है और लोग अंदर फंसे हुए हैं। दुकानों के सामने कई फीट पानी जमा होने से बाजार बंद है। यहां राज्य हाईवे पर करीब 2 किलोमीटर लंबा हिस्सा जलमग्न हो गया। जलभराव में एक टैंकर पलट गया, हालांकि चालक सुरक्षित है। भारी मशीनों की मदद से टैंकर को हटाया गया।
गांवों में तालाब जैसे हालात
मारकंडा और बेगना नदी के उफान से हेमामाजरा, गोला और ब्राह्मण माजरा गांवों की गलियां तालाब जैसी बन गई हैं। ब्राह्मण माजरा में हालात से निपटने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से हाईवे के डिवाइडर को तोड़कर पानी निकासी का रास्ता बनाया, इसके अलावा नहौनी, डुलियानी,गोला, गोली, टमनौली, ब्राह्मणमाजरा में लोगों के घरों तक पानी है।
एमएम यूनिवर्सिटी रोड पर सड़क तोड़ी
मुलाना से एमएम यूनिवर्सिटी जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ था। बुधवार रात प्रशासन ने पानी निकासी के लिए सड़क तोड़ दी। पानी के तेज बहाव ने खुद भी एक हिस्से को तोड़ दिया था, लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। अब सड़क को अन्य जगह से तोड़कर पानी निकालने की कोशिश की गई।
मुलाना में एनएच 344 पर जलभराव से गुजरते वाहन। संवाद
मुलाना में एनएच 344 पर जलभराव से गुजरते वाहन। संवाद
मुलाना में एनएच 344 पर जलभराव से गुजरते वाहन। संवाद
मुलाना में एनएच 344 पर जलभराव से गुजरते वाहन। संवाद