अंबाला। तीसरे दिन भी टांगरी बांध किनारे बसी दर्जनों कॉलोनियों के हालात बद से बदतर नजर आए। लोग जहां घरों से कीचड़ निकालते नजर आए तो कुछ अपने सामान को समेटते नजर आए। सबसे बड़ी परेशानी गाद और कीचड़ के कारण बदबू से हो रही थी क्योंकि इस कारण घरों में घुसना मुश्किल हो गया था। बावजूद इसके समस्या के समाधान के लिए न तो जनप्रतिनिधि मौके पर थे और न ही प्रशासन की तरफ से समस्या समाधान के लिए कोई बंदोबस्त किया गया था।
600 से 1500 में आ रहा पानी का टैंकर : विश्वकर्मा नगर के निवासी विनय व रामकरण ने बताया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद पार्षद व प्रशासन गली व घरों की सफाई करवाने के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे। लेकिन वो सभी दावे हवा-हवाई हो गए। अब उन्हें खुद के रुपयों से पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है, इसके लिए भी उन्हें 600 से 1500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में श्रमिकों के लिए इतने पैसों का जुगाड़ करना भी काफी मुश्किल हो रहा है।
घर छोड़कर चले गए लोग : टांगरी बांध किनारे बसे न्यू टैगोर गार्डन व प्रीत नगर के घरों पर ताले नजर आने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ आने से पहले ही कुछ लोग जरूरी सामान लेकर अपने-अपने घर से निकल गए थे। इस कारण घर बंद हैं और अंदर कीचड़ भरा पड़ा है जोकि वापस आने पर उनके लिए परेशानी का सबब बन जाएगा।
अंबाला छावनी में टांगरी किनारे बसी कॉलोनियों से पानी उतरने के बाद हालात। संवाद