कुरुक्षेत्र।
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में वीरवार को साइबर क्राइम अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें साइबर क्राइम थाना (कुरुक्षेत्र) प्रभारी महेश कुमार मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने की, जिन्होंने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
थाना प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि ज्यादातर साइबर अपराध लालच या डर की वजह से होते हैं। अपराधी पहले व्यक्ति का विश्वास जीतते हैं और फिर उसे अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या ऑफर पर प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें, सोचें और फिर निर्णय लें। यही साइबर सुरक्षा का मूल मंत्र है।
महेश कुमार ने बताया कि वर्ष जिले में अब तक दो हजार से अधिक साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें लोगों ने 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि गंवाई है। उन्होंने बताया कि हर माह 350 से 400 शिकायतें साइबर थाना कुरुक्षेत्र में दर्ज होती हैं, और लोगों को औसतन दो से तीन करोड़ रुपए प्रति माह का नुकसान हो रहा है। साइबर अपराधी अब नई-नई चालें अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों में बैठे गिरोह भारतीय युवाओं को विदेशी नौकरी का झांसा देकर बुलाते हैं और वहां उनसे जबरन ऑनलाइन फ्रॉड करवाते हैं।
प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाते हैं तथा उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की समझ देते हैं। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. जितेश कुमार पंडा, प्रॉक्टर प्रो. सतीश वत्स, कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, प्रो. दीप्ति पराशर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।