अंबाला सिटी। सार्थिक प्राइवेट आईटीआई परिसर में किराये की कंप्यूटर लैब से पेपर सॉल्वर गैंग पकड़े जाने के बाद पीजीटी के परीक्षा केंद्र में बदलाव कर दिया गया। अब आईसीएल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन साउंथली रोड शहजादपुर में यह परीक्षा होगी। 20 फरवरी को भी दो शिफ्टों में परीक्षा थी और काफी संख्या में परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। ऐसे में पेपर कंडक्ट करवाने वाली एजेंसी की तरफ से आनन-फानन में दो लग्जरी बसों की व्यवस्था करवाई गई, जिसकी मदद से परीक्षार्थियों को सुबह व दोपहर की शिफ्ट में आईटीआई के बाहर से शहजादपुर में बने सेंटर तक पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए सार्थिक प्राइवेट आईटीआई पहुंचे तो बाहर दीवारों पर सेंटर बदलाव के पोस्टर लगाए गए थे। एजेंसी के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह और दोपहर की शिफ्ट में करीब 150 ने परीक्षा दी। उन्होंने बताया कि अब सभी पेपर शहजादपुर में होंगे। विदित हो कि केंद्रीय विद्यालय संगठन में पीजीटी अध्यापकों की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बना हुआ था। 18 फरवरी को हुई परीक्षा में पुलिस ने छापामारी कर पैसे लेकर पेपर पास करवाने वाले गैंग के 10 लोगों को काबू किया था।
आज आईटीआई में लगेगी कक्षा पर छात्रों के फोन होंगे जमा
आईटीआई परिसर में ही किराये पर चल रही कंप्यूटर सेंटर में छापामारी के बाद पुलिस ने निशानदेही के लिए लैब को सील कर दिया है और पहरा लगा दिया है। ऐसे में सोमवार को भी केवल आईटीआई का स्टाफ ही मौजूद रहा, जबकि विद्यार्थी नहीं पहुंचे। छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए प्राचार्य गुरविंद्र ने मंगलवार को छात्रों बुलाया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी छात्रों के फोन पहले ही जमा कर लिए जाएंगे। छुट्टी के बाद ही उन्हें फोन मिलेंगे, ताकि कोई लैब के आसपास कोई फोटो आदि न खींच सके।
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21 को भी परीक्षा, परीक्षा केंद्र की जानकारी लेने पहुंचे परीक्षार्थी
पीजीटी की परीक्षा आने वाले दिनों में भी चलेगी। उससे पहले ही पेपर सॉल्वर गैंग के पकड़ने जाने की सूचना के बाद काफी परीक्षार्थी सोमवार को सेंटर पर पहुंचे और अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी जुटाई।
आईटीआई की परीक्षा वाले दिन बंद रहते थे कैमरे
प्राचार्य गुरविंद्र ने बताया कि किराये पर चल रही कंप्यूटर लैब में जब पीजीटी की परीक्षा होती थी तो आईटीआई में लगे करीब दर्जनभर कैमरे बंद रहते थे, जबकि परीक्षा केंद्र में संबंधित एजेंसी के हेडऑफिस से ही मेन गेट पर बड़ा कैमरा लगाया जाता था। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने कैमरों की डीवीआर को कब्जे में ले लिया है।
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