गंदगी से भरे नाले से हर समय फैलती है बदबू, 6 महीने से कर्मचारी सफाई के लिए नहीं पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। वार्ड नंबर 3 स्थित सुंदर नगर में गंदगी का आलम है। कभी सुंदरता के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। एकमात्र नाला गंदगी से भरा हुआ है जिससे हर समय बदबू फैलती है और बीमारियों का खतरा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के पास सैकड़ों सफाई कर्मचारियों का अमला होने के बावजूद 6 महीनों से इस गली में कोई भी कर्मचारी सफाई के लिए नहीं पहुंचा है। कूड़े के ढेर और जाम पड़े नाले परेशानी बने हुए हैं। स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं।
खारा पानी पीने को मजबूर
सफाई के साथ-साथ क्षेत्र में पेयजल का संकट है। सुंदर नगर में लगा ट्यूबवेल खारा पानी उगल रहा है। लोग इस पानी का उपयोग केवल नहाने और कपड़े धोने के लिए कर पा रहे हैं। पीने के पानी के लिए महंगे कैंपर खरीदने पड़ रहे हैं। इलाके में ज्यादातर गरीब परिवार रहते हैं जो आरओ या वाटर फिल्टर लगवाने में असमर्थ हैं। कागजों में जिस ट्यूबवेल को खराब दिखाया गया है वही आज भी चल रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी चुनावों में जनप्रतिनिधियों का विरोध करने को मजबूर होंगे।
वार्डों के फेर में फंसा विकास
सुंदर नगर की भौगोलिक स्थिति ने भी इसकी समस्याओं को बढ़ा दिया है। यह क्षेत्र वार्ड नंबर 2 और 3 में बंटा हुआ है। निवासियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय वे वोट अंबाला कैंट के उम्मीदवार को देते हैं लेकिन सुविधाओं के लिए उन्हें अंबाला शहर के नगर निगम वार्ड सदस्य पर निर्भर रहना पड़ता है। इस राजनीतिक खींचतान के कारण विकास कार्य अटके हुए हैं।
वार्डवासियों की प्रमुख मांगें-
- क्षेत्र को पूर्ण रूप से अंबाला शहर में शामिल किया जाए।
- गंदे नाले की तत्काल सफाई और सुचारू निकासी सुनिश्चित हो।
- पीने योग्य मीठे पानी के लिए नए और गहरे ट्यूबवेल की व्यवस्था हो।
वर्तमान में तो वह खारे पानी के ट्यूबवेल से ही गुजारा कर रहे हैं। इस पानी को वह नहाने व बर्तन साफ करने में इस्तेमाल करते हैं जबकि पीने के लिए कैंपर का पानी इस्तेमाल करते हैं।
-कुलविंदर सिंह, स्थानीय निवासी
सफाई व्यवस्था चरमराई है। 6 महीने से एरिया में कोई भी सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं आया। यही नहीं एरिया में स्थित गंदे नाले की भी कभी सफाई नहीं होती जिस कारण मक्खी मच्छरों का आलम बना रहता है।
- गुरबचन सिंह, स्थानीय निवासी