अंबाला। सीईटी के दौरान अभ्यार्थियों की सहूलियत के साथ-साथ परीक्षा को पेपर सॉल्वर गैंग से भी बचाने के लिए कड़े इंतजाम देखने को मिले। परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से गुजारा गया। मोबाइल, ब्लू टूथ व हाथ में बांधने वाली स्मॉर्ट वॉच आदि पर खास नजर थी। उपायुक्त अजय सिंह तोमर के संग अंबाला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत केंद्रों का दौरा करते हुए नजर आए। यहां तक कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यार्थियों के जूते व जुराब तक उताकर देखी गई तो कुछ जगह पर रुमाल भी जेब से निकलवाकर बाहर रखवाए गए। हालांकि अंबाला कैंट के फारुखा खालसा स्कूल में पेंट की जेब से रुमाल बाहर रखवाने पर अभ्यर्थी संबंधित स्टाफ से भी उलझ गए थे। उनका कहना था कि गर्मी के मौसम में रुमाल तो कम से कम व्यक्ति के पास होना चाहिए लेकिन विरोध के बीच रुमाल भीतर नहीं जाने दिया। बाद में अभ्यर्थी भी परीक्षा केंद्रों में चले गए।
पेपर सॉल्वर गैंग के लिए साइबर टीम रही अलर्ट, पुलिस की रही पैनी नजर
सीईटी के दौरान 535 जवानों की हर केंद्र पर पैनी नजर रही। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस के जवानों की हर संदिग्ध व्यक्ति व गाड़ी भी नजर थी ताकि इस परीक्षा में किसी भी तरह से पेपर सॉल्वर गैंग सेंध न मार सके। इसके अलावा स्नेचिंग, चोरी या डमी अभ्यर्थी जैसे अपराध को रोकने के लिए मोबाइल पेट्रोलिंग टीमें गठित रही। बता दें कि अंबाला में पहले भी सिटी की सार्थिक आईटीआई में चल रही पीजीटी की परीक्षा के दौरान पेपर साॅल्वर गैंग को पकड़ा गया था।
सीईटी की परीक्षा के दौरान कैंट के फारुखा खालसा स्कूल में केंद्र में अभ्यार्थियों के बाहर गेट प
सीईटी की परीक्षा के दौरान कैंट के फारुखा खालसा स्कूल में केंद्र में अभ्यार्थियों के बाहर गेट प