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Ambala News: आरोपी की साली का नहीं मिला साजिश में हाथ

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नारायणगढ़ (अंबाला)। नारायणगढ़ के बहुचर्चित रतौर हत्याकांड में पुलिस की जांच पूरी हो गई है। पुलिस ने केस से जुड़ी चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस की जांच में इस मामले में नामजद किए गए सात आरोपियों में से मुख्य आरोपी भूषण की साली बेबी को केस से बाहर कर दिया है।
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भूषण की साली पर पिता और शिकायतकर्ता ओमप्रकाश ने साजिश के आरोप लगाए थे। पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो बेबी की लोकेशन उसके गांव में मिली। मामले से जुड़े जांच अधिकारी ने बेबी के गांव में जाकर भी पूछताछ की तो सभी ने बेबी के घटना वाले दिन गांव में ही होना तस्दीक किया। ऐसे में पुलिस ने केस से बेबी का नाम निकाल दिया है। वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ओमप्रकाश का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि घटना में बेबी भी शामिल थी वह कोर्ट में अब मजबूती इस बात को रखेंगे।



बुआ बच्चों को लेना चाहती थी गोद

भूषण के दो बच्चों के नाम भी एफआईआर में थे, मगर दादा ओमप्रकाश ने अपने बयान में बता दिया था कि बच्चों का इस घटना में कोई रोल नहीं है। वह तो मोबाइल देख रहे थे। ऐसे में बच्चों को तो पुलिस ने उसी समय केस से बाहर कर दिया था। इसके बाद से बच्चा बाल आश्रम में रह रहे थे। बच्चाें की बुआ ने चाहा कि वह खुद बच्चों को पालने की जिम्मेदारी लेंगी मगर उन्हें बच्चों की कस्टडी नहीं मिली। अब बताया जाता है कि तीन चार दिन पहले ही बच्चों को मौसी ने अपने पास रखा है।
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वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर हैं ओम प्रकाश

मुख्य आरोपी भूषण के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि उनका जीवन इस घटना से तहस नहस हो गया। दादा को नातियों का प्रेम नहीं मिलेगा। वह खुद बेटी के पास रह रहे हैं। गुजारे के लिए वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर हैं। घर में कोई सदस्य नहीं रहा तो अब जमीन भी खाली है, जिसे बोने की अब उनकी हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने परिजनों के लिए वह मामले को कोर्ट में मजबूती से लड़ेंगे।



क्या था बहुचर्चित रतौर हत्याकांड

नारायणगढ़ के रतौर गांव में 21 जुलाई की रात्रि को दो एकड़ जमीन के लिए आरोपी बड़े भाई पर अपने छोटे भाई, भाभी, वृद्ध मां और भाई के दो बच्चों को गंडासी आदि हरियाणा से मारकर जलाने के प्रयास को लेकर आरोप लगे थे। मामले में पिता ओम प्रकाश पर भी जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। उन्होंने अस्पताल जाने से पहले पुलिस को बयान देकर बताया था कि उसके बड़े बेटे भूषण, उसकी पत्नी और अन्य लोगों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। मारने के बाद ट्रेक्टर से शव को घसीटा है और जलाने प्रयास भी किया है। पुलिस को मौके से इसके सुबूत भी मिले थे। इस मामले में मृतकों की पहचान 35 वर्षीय हरीश, उसकी पत्नी 32 वर्षीय सोनिया, मां 65 वर्षीय सरोपी, बेटी पांच वर्षीय यशिका और बेटे 6 माह के मयंक के रूप में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी भूषण और अन्य तीन आरोपियों को पकड़ लिया था। जिन्हें कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही हत्या में प्रयोग हुए हथियार भी बरामद कर लिए थे। अब मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

वर्जन-
इस मामले को लेकर चार्जशीट पुलिस ने दाखिल कर दी है। मामले में आरोपित बेबी की लोकेशन उसके गांव में मिली थी इस कारण से जांच में उसका नाम निकाला गया। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में जांच में वही कहानी सामने आई जो घटना थी।
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-ललित कुमार, एसएचओ, नारायणगढ़
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