अंबाला। नगर परिषद सदर की लगभग 50 वर्ष पुरानी इमारत के दिन बहुरेंगे। नगर परिषद के आग्रह पर सरकार ने सलाहकार की नियुक्ति कर दी है। सलाहकार जल्द ही नगर परिषद का दौरा करके नक्शा तैयार करेगा। इसके तहत नगर परिषद की नई इमारत के निर्माण को लेकर होने वाले खर्च की अनुमानित लागत भी तैयार होगी।
लगातार खस्ता हो रही इमारत में काम करना कर्मचारियों सहित अधिकारियों के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। 20 से अधिक विभागों में 800 के करीब कर्मचारी कार्यरत हैं। कभी छत से सीमेंट टूटकर नीचे गिर जाता है तो कभी सफेदी आदि। वहीं, लगभग दो साल पहले लगाई गई प्लास्टिक की शीटें भी अब टूटने लग गई हैं।हालांकि गनीमत यह रही है कि इन हादसों में किसी कर्मचारी और अधिकारी को चोट नहीं लगी।
तीन साल पहले तैयार की गई परियोजना, नहीं चढ़े सिरे
फंड की कमी के लगभग तीन साल पहले नगर परिषद की नई इमारत के निर्माण की परियोजना सिरे नहीं चढ़ पाई। वर्ष 2022 में इमारत के निर्माण को लेकर मॉल की तरह का थ्री डी नक्शा भी तैयार किया गया। इसमें एक ही इमारत में शॉपिंग काम्पलेक्स, फूड प्लाजा और नगर परिषद की इमारत के निर्माण की रुपरेखा तैयार की गई लेकिन यह परियोजना कागजों में ही दफन होकर रह गई।
अब भी एक साल से चल रही कार्यवाही
मौजूदा समय में भी नगर परिषद के नई इमारत के निर्माण को लेकर पिछले एक साल से बैठकों को दौर चल रहा है जोकि कागजों तक ही सीमित है। पहले नगर परिषद ने नई इमारत के निर्माण की रुपरेखा तैयार की थी, लेकिन इसे मुख्यालय ने अनुमति प्रदान नहीं की। इसके लिए सलाहकार नियुक्त करने के निर्देश दिए। फिर नप अधिकारियों ने सलाहकार की नियुक्ति को लेकर फाइल तैयार की लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर यह फाइल मुख्यालय में ही धूल फांकती रही लेकिन अब सलाहकार की नियुक्ति से इमारत की रुपरेखा सही तरीके से तैयार हो सकेगी।
नगर परिषद की नई इमारत के निर्माण को लेकर मुख्यालय भेजी फाइल पर स्वीकृति मिल गई है। निर्माण की रुपरेखा सलाहकार द्वारा तैयार की जाएगी। इस पर भी खर्च आएगा और इसका आकार कैसा होगा वो सलाहकार की रिपोर्ट पर निर्भर होगा।
मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।