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Ambala News: कुत्तों का आतंक, तीन माह में 1170 लोगों को बनाया शिकार

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अंबाला। अंबाला छावनी में चौतरफा कुत्तों का आतंक है। रोजाना 15 से 20 लोग कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। कभी बच्चे तो कभी बुजुर्ग इनका शिकार बन रहे हैं। नागरिक अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जनवरी से लेकर मार्च माह तक लगभग 1170 लोग कुत्तों के काटने का शिकार बन चुके हैं।
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जनवरी में 390 लोगों को कुत्तों ने काटा था जोकि उपचार के लिए अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में आए थे। वहीं फरवरी में कुत्ता काटने के 490 मरीज अस्पताल आए थे। जबकि 28 मार्च तक लगभग 400 मरीजों को कुत्तों ने काटा है और उन्हें नागरिक अस्पताल में उपचार दिया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह संख्या ओर बढ़ सकती है।
लगातार बढ़ रही संख्या
नगर परिषद अंबाला सदर के तहत 32 वार्ड हैं। इन वार्डों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लगभग 400 से 500 कुत्ते गली-मोहल्लों में घूम रहे हैं और स्थानीय निवासियों सहित राहगीरों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह समस्या गंभीर रूप धारण कर सकती है।
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बोह में बच्ची सहित 15 को काटा
अंबाला छावनी के बोह क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने एक ही दिन में 15 लोगों को काट लिया। इसमें आठ साल की बच्ची प्रभलीन कौर भी शामिल है जोकि अपनी दादी के साथ गुरुद्वारे से माथा टेककर वापिस घर जा रही थी। प्रभलीन के पिता गुरविंदर सिंह ने बताया कि वो रोजाना की तरह अपनी दादी के साथ गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने गई थी।
जब वो गुरुद्वारा साहिब से बाहर निकले तो नजदीक ही खड़ी एक कुत्तिया ने प्रभलीन के ऊपर हमला कर दिया और उसकी टांग सहित बाजू पर गहरा घाव करते हुए मांस नोंच लिया। जब उसकी दादी ने उसे बचाने की कोशिश की तो कुत्ते ने उन्हें भी काट लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हुए तो कुत्तिया भाग गई। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बोह रोड पर कुत्तों की भरमार
नागरिक अस्पताल पहुंचे बोह रोड निवासी कुलवंत ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुत्तों की भरमार है। लगभग 50 से 60 कुत्ते उनके क्षेत्र में घूम रहे हैं। इनमें से ही चार-पांच कुत्तों ने डिफेंस कॉलोनी सहित अन्य आसपास के हिस्सों में रहने वाले लगभग 15 लोगों को अपना शिकार बनाया है। रोजाना ये कुत्ते कभी भी किसी के पीछे दौड़ पड़ती हैं। इनकी वजह से बाइक सवार कई व्यक्ति भी घायल हो चुके हैं।
तीन साल से निविदा का इंतजार
लगभग तीन साल से नगर परिषद की ओर से कुत्तों की नसबंदी से संबंधित कार्रवाई की जा रही है जोकि आजतक सिरे नहीं चढ़ पाई। कभी ठेकेदार नहीं मिला तो कभी कुत्तों की नसबंदी को लेकर रेट तय नहीं हो पाए। मौजूदा समय में भी ठेके की राशि के मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है और यह कब पूरी होगी। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों के पास भी नहीं है।
कैंटोनमेंट बोर्ड में मिल रही सुविधा
अंबाला छावनी में नगर परिषद कार्यालय से थोड़ी दूरी पर स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड इस मामले में अव्वल चल रहा है। वहां कुत्तों की नसंबदी से जुड़ा कार्य लगातार किया जा रहा है। यही कारण है कि बोर्ड क्षेत्र में कुत्तों के काटने की घटनाओं में काफी कमी हुई है। इससे स्थानीय निवासियों ने भी राहत की सांस ली है। जबकि नगर परिषद का तर्क है कि बोर्ड क्षेत्र की आबादी नप के मुकाबले काफी कम है, इसलिए वहां समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध हो जाती हैं।
नागरिक अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मामले कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। अगर पिछले तीन माह की बात करें तो लगभग 1170 के करीब मामले अस्पताल आ चुके हैं और सभी को उपचार दिया गया है।
डॉ. हरमनप्रीत सिंह, आरएमओ।
कुत्तों की नसंबदी से संबंधित फाइल को मूल्यांकन के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा हुआ है। उम्मीद है कि जल्द ही निविदा जारी कर दी जाएगी और ठेकेदार की ओर से काम भी शुरु कर दिया जाएगा। इसे लेकर गंभीरता से कार्य चल रहा है।
रविंद्र कुहाड़, कार्यकारी अधिकारी नप सदर, अंबाला।
नगर परिषद क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी भी दी है कि कुत्तों के काटने से बच्चे, बुजुर्ग व बाइक सवार घायल हो रहे हैं। इस लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वो जल्द से जल्द कुत्तों की नसंबदी से जुड़ी निविदा को जारी करें।
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स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नप सदर अंबाला।
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