अंबाला। मानसिक तनाव से पीड़ित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस और नेटवर्किंग अक्रास स्टेटस (टेली-मानस) काफी कारगर साबित हो रही है।
इसका असर अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में भी देखने को मिल रहा है। जहां कोरोना से पहले ओपीडी में आने वाले मरीजों का आंकड़ा सौ पार नहीं होता था वो अब बढ़कर डेढ़ सौ तक बढ़ गया है। पिछले छह माह के आंकड़े पर नजर मारें तो अप्रैल से जून तक मनोरोग ओपीडी में 7 हजार 119 व जुलाई से सितंबर तक 8 हजार 459 मरीज आ चुके हैं। यह आंकड़ा हर माह बढ़ रहा है।
निरीक्षण में दिए थे टेली-मानस के बारे में निर्देश
सात नवंबर को छावनी नागरिक अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंची स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की प्रबंध निदेशक आराधना पटनायक ने भी जिले में मनोरोग ओपीडी को लेकर चर्चा की थी। साथ ही टेली-मानस का ज्यादा से ज्यादा प्रचार करने के लिए बोला था ताकि टोल फ्री नंबर 14416 की इस सुविधा का फायदा उठाकर अस्पतालों की ओपीडी में आने से हिचकिचाने वाले मरीज परामर्श ले सके। अब अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों को भी टेली-मानस को लेकर जागरूकता बढ़ा दी है।
कोविड के बाद बढ़े मरीज, पीजीआई का डॉक्टर भी बैठाया
कोविड के बाद ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में पीजीआई के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. असीम की सप्ताह में एक बार ओपीडी शुरू की गई है। इस ओपीडी में अंबाला से चंडीगढ़ पीजीआई जाने वाले मरीज को अस्पताल में ही देखा जाता है।
वर्जन
एनएचएम की केंद्रीय टीम ने निरीक्षण में टेली-मानस को लेकर चर्चा की थी। साथ ही उसकी जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए थे। हालांकि पहले भी ओपीडी में बैनरों के जरिए जागरूक किया जा रहा है। ओपीडी में अब मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
डॉ. कुलदीप, मनोचिकित्सक, छावनी नागरिक अस्पताल