अंबाला सिटी। राजकीय स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन खराब हैं। यह मशीन स्कूलों की अलमारियों में धूल फांक रही हैं। इन मशीन को स्कूलों में नहीं चलाया जा रहा, जबकि विभाग की ओर से बार-बार बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं।
ज्यादातर राजकीय प्राथमिक स्कूलों में मशीन नहीं चलती। कहीं कंप्यूटर के माध्यम से हाजिरी लगाई जा रही है तो कहीं एमआईएस पोर्टल पर शिक्षक हाजिरी लगा रहे हैं। जिले में 765 से ज्यादा राजकीय स्कूल हैं। इनमें प्राथमिक, मिडिल, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं।
बता दें कि विभागीय अधिकारियों की ओर से समय-समय पर राजकीय स्कूलों में निरीक्षण किया जाता है। बीते वर्ष के अंत में भी विभागीय अधिकारियों ने स्कूलों में निरीक्षण कर बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी ज्यादातर राजकीय स्कूलों में यह बायोमीट्रिक बंद है। यही नहीं राजकीय स्कूलों में इसके लिए टैबलेट भी दिए गए थे और मशीन भी स्कूलों में दी गई थी। अब यह मशीन अलमारियों में कैद है।
प्राथमिक स्कूलों में ज्यादा दिक्कत
दरअसल, राजकीय प्राथमिक स्कूलों में काफी समय से दिक्कत है। प्राथमिक स्कूलों में टैबलेट बंद पड़े हैं। यह टैबलेट काफी समय से नहीं चले हैं। इस वजह से हाजिरी नहीं लगाई जा रही है। विभाग की ओर से इन टैबलेट को ठीक भी नहीं करवाया गया। वहीं, रवालों गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में बायोमेट्रिक मशीन बंद है। इसी तरह राजकीय माध्यमिक स्कूल नसीरपुर में भी बायोमीट्रिक मशीन बंद है। ऐसे कई स्कूल हैं, जहां यह बायोमीट्रिक मशीन नहीं चल रही। वहीं, शिक्षक बताते हैं कि स्कूलों में रजिस्टर, एमआईएस और कंप्यूटर पर मशीन में हाजिरी लगती है, लेकिन प्राथमिक स्कूलों में जहां कंप्यूटर नहीं है, वहां ज्यादा दिक्कत है।
वर्जन
राजकीय उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाई जा रही है। इसके लिए समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाता है।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।