गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा को लेकर प्रशिक्षण हासिल करता तांशू। संवाद
अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के अधीन चल रहे वात्सल्य स्कूल का होनहार तांशू एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन करेगा। तांशू का चयन भारत सरकार के खेल विभाग ने इटली के ट्यूरीन में होने वाली विंटर प्रतियोगिता के लिए किया है। तांशू के चयन से बोर्ड के अधीन अन्य स्कूलों में काफी खुशी का माहौल है। वह छह मार्च से 15 मार्च तक होने वाली आइस स्पीड स्केटिंग में हिस्सा लेगा। इटली रवाना होने से पहले तांशू को उच्च श्रेणी के कोच द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है जोकि गुरुग्राम में जारी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर सुविधा और मदद प्रदान करने के लिए बोर्ड अधिकारी मंत्रणा कर रहे हैं।
भगवान की देन है तांशू : तांशू की मां रजनी जोकि चाय की दुकान चलाती हैं, ने बताया कि उनका बेटा भगवान की देन है। इसलिए वो स्पेशल बच्चों के साथ पढ़ता और खेलता-कूदता है। उन्होंने बताया कि तांशू का जल्द नाै सितंबर 2005 को हुआ था। पांच साल के बाद उन्हें पता चला की तांशू सामान्य बच्चों की तरह नहीं है। इसके बाद उसे वात्सल्य स्कूल में भेजना शुरु किया और यहां उसने आइस स्पीड स्केटिंग में हुनर दिखाना शुरु कर दिया। तांशू ने जीते हैं 30 से अधिक पदक : तांशू 2014 में दिव्यांग बच्चाें के स्कूल वात्सल्य में दाखिल हुआ था। वहां उसने स्केटिंग में रुचि दिखाई ताे बोर्ड ने स्कूल में ही उसके प्रशिक्षण के लिए रिंग बनवा दिया। इसके अलावा उसे स्पेशल प्रशिक्षण के लिए गुरुग्राम भी भेजा जाता है। तांशू ने पिछले 10 वर्षों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 30 से अधिक पदक अपने नाम किए हैं। तांशू ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 28 जनवरी 2020 में स्वीडन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्पीड आइस स्केटिंग में 500 और 333 मीटर में भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2022 में तांशू का चयन वर्ष 2022 में रूस में होने वाली आइस स्केटिंग के लिए भी हुआ था। लेकिन कोरोना के कारण वो रूस नहीं जा सका।
123 बच्चों में 23 खिलाड़ी : कैंटोनमेंट बोर्ड ने अच्छी पहल करते हुए वर्ष 2014 में मानसिक दिव्यांग बच्चाें के लिए वात्सल्य स्कूल शुरु किया था।
शुरुआत में मात्र 5 के करीब बच्चे यहां दाखिल हुए। लेकिन कारवां बढ़ता गया और मौजूदा समय में अब यहां 123 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें 23 बच्चे खेलों के माध्यम से बोर्ड और स्कूल का नाम रोशन कर रहे हैं। इससे पहले 7 वर्षीय मंदीप फ्लाेर बाॅल में राष्ट्रीय स्तर पर अपने जौहर दिखा चुकी है। इसके अलावा 17 वर्षीय अंशु भी रोलर स्केटिंग में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण सहित अन्य पदकों को हासिल कर चुका है।
गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा को लेकर प्रशिक्षण हासिल करता तांशू। संवाद